वाशिंगटन: एक अमेरिकी सांसद ने ट्रंप प्रशासन को उन लोगों को देश से बाहर निकालने के खिलाफ चेताया जो प्रतिद्वंदी बन सकते हैं और उन्होंने कहा कि एच1बी वीजा कार्यक्रम देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले सबसे अच्छे और प्रतिभावान लोगों को आकर्षित करने का महत्वपूर्ण साधन है। कांग्रेस के सदस्य एरिक पॉलसेन ने एक बयान में कहा, एच-1बी वीजा कार्यक्रम विग्यान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में पेशेवरों को आकर्षित करने तथा उच्च प्रतिभाशाली लोगों को पदों पर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण औजार है और हमें इन लोगों को देश से बाहर नहीं निकालना चाहिए क्योंकि वे हमारे प्रतिद्वंदी बन सकते है खासतौर से अगर वे अमेरिका में प्रशिक्षित और शिक्षित हैं।
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पॉलसेन मिनेसोटा का प्रतिनिधित्व करते हैं जो कई चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों का घर है। उन्होंने कहा, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस कार्यक्रम का दुरपयोग ना हों लेकिन साथ ही यह भी अहम है कि दुनिया के कुछ प्रतिभावान लोग दूर ना जाएं, जो हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि में मदद और योगदान दे सकते हैं। आव्रजन मामलों पर एक विशेषज्ञ ने कहा कि भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच लोकप्रिय एच-1बी वीजा कार्यक्रम में किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की ओर से विधायी कदम उठाने की जररत पड़ेगी।
ट्रंप ने मंगलवार को एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर कर श्रम, विदेश, होमलैंड सुरक्षा और न्याय विभागों को निर्देश दिए कि वह यह सुनिश्चित करें कि सबसे कुशल और अधिक वेतन पाने वाले लोगों को ही वीजा मिले। अंतरराष्ट्रीय कानूनी कंपनी डोर्सी एंड विटनी में साझेदार और प्रसिद्ध आव्रजन विशेषज्ञ रेबेका बर्नहार्ड ने कहा, किसी भी बदलाव के लिए या तो संवैधानिक जररतों को बदलने के लिए कांग्रेस की कार्रवाई की आवश्यकता होगी या अधिनियमों में बदलाव करना होगा, जिससे एजेंसियों को हर नए प्रस्तावित अधिनियम के लिए दो अधिनियमों को रद्द करने का आदेश देने वाले राष्ट्रपति ट्रंप के पहले के आदेश पर असर पड़ेगा।
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