वॉशिंगटन: अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अध्ययन के लिए आए भारतीय छात्रों की संख्या में पिछले साल से 32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई वृद्धि का 9% है। स्टूडेन्ट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम SEVP ने अमेरिका में अध्ययन कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बारे में एक त्रैमासिक रिपोर्ट एसईवीआईएस बाइ द नम्बर्स जारी की है जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2014 से अध्ययन के लिए यहां आने वाले छात्रों की संख्या में 32 फीसदी की वृद्धि हुई है। एसईवीपी यूएस इम्मीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट का हिस्सा है।
अध्ययन के लिए अमेरिका आए अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से 76 फीसदी विद्यार्थी एशिया से हैं। यहां अध्ययन के लिए आए अंतरराष्ट्रीय छात्र चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, सउदी अरब, कनाडा, जापान, ताइवान, वियतनाम, मैक्सिको और ब्राजील से हैं। एसईवीआईएस के जुलाई 2014 के आंकड़ों से तुलना करें तो पता चलता है कि भारत और वियतनाम से यहां आने वाले छात्रों की संख्या में क्रमश: 31.9 फीसदी और 25.9 फीसदी की वृद्धि हुई है। SEVP ने बताया टैक्सास के स्कूलों में अध्ययन कर रहे वाले इन अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से 24 फीसदी छात्र भारत से और 17 फीसदी चीन से हैं।
अमेरिका में अध्ययनरत अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से चीनी छात्रों की संख्या करीब 3,00,000 और भारतीय छात्रों की संख्या लगभग 1,50,000 है। यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, कोलंबिया यूनिवर्सिटी, द यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस तथा परडु यूनिवर्सिटी उन पांच अमेरिकी संस्थानों में से हैं, जिनमें सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं। अमेरिका में वर्तमान में 15 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं जिन्हें अध्ययन के लिए एफ एंड एम वीजा मिला है। इन छात्रों में से 4,05,314 एफ एंड एम छात्र विग्यान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित STEM के क्षेत्रों में अध्ययन कर रहे हैं। एसटीईएम पाठ्यक्रम का अध्ययन कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से 86 फीसदी छात्र एशिया से हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एसटीईएम के अन्य विषयों की तुलना में इंजीनियरिंग का अध्ययन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या अधिक है और इनमें से भी 29 फीसदी भारत से हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत से यहां आए छात्रों में से 81 फीसदी एसटीईएम के क्षेत्र में है और इस पाठ्यक्रम से जुड़े किसी देश के छात्रों की यह सर्वाधिक संख्या है।
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