नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच आपसी सैन्य साजो-सामान सहयोग समझौते के लिए सहमती बन गई है। एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भारतीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने अमेरिकी रक्षामंत्री एश्टन कार्टर से कहा कि, "हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि एक देश की सेना दूसरे देश में ठहरेगी।" पर्रिकर का कहना है कि दोनों देशों के सशत्र बलों के बीच संवाद में बढ़ोतरी 'द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू' है। उन्होंने कहा कि भारत किसी दूसरे देश के मुकाबले अमेरिका के साथ सबसे ज्यादा सैन्य अभ्यास करता है।
पर्रिकर ने कहा, "इस संदर्भ में, रक्षामंत्री कार्टर और मैं नीतिगत रूप से एक 'लॉजिस्टिक एक्सचेंस मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट' पर आनेवाले महीनों में हस्ताक्षर करने पर सहमत हुए हैं।" पर्रिकर ने कहा कि इस समझौते का मसौदा महीने भर में तैयार कर लिया जाएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब यह है कि भारत में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी होगी। कार्टर ने कहा, "कोई भी अमेरिकी सैनिकों के भारतीय धरती पर आने की बात नहीं कर रहा है।" तीन दिनों के दौरे पर भारत आए हैं।
Latest World News