वाशिंगटन: महत्वपूर्ण जलवायु परिवर्तन समझौते के लिए पेरिस में चल रही वार्ता में भारत एक अहम भागीदार बनकर उभरा है। यह वार्ता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। भारत ने उत्सर्जन एवं वित्तपोषण पर तैयार नहीं होने का आरोप लगाने वाले विकसित देशों पर पलटवार करते हुए कहा कि वे लचीलापन नहीं दिखा रहे हैं तथा समग्र जलवायु समझौते के लिए रोड़े अटका रहे हैं। जलवायु सम्मेलन की समयसीमा को कल एक दिन के लिए और बढ़ा दिया गया था।
टाइम पत्रिका ने एक समाचार रिपोर्ट में कल कहा, वार्ताकारों को जलवायु परिवर्तन संबंधी समझौता तैयार हो जाने की उम्मीद है। इसमें मात्र कुछ ही घंटे बचे हैं। ऐसे में भारत एक अहम खिलाड़ी के रूप में सामने आया है। पत्रिका ने कहा कि भारतीय नेता जलवायु परिवर्तन के मामले पर ऐसी स्थिति में हैं जहां उन्हें बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उसने कहा कि अधिकारी यह दिखाना चाहते हैं कि विश्व का चौथा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं में एक रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। टाइम ने कहा, दूसरी ओर, वार्ताकारों को नागरिकों को अपने देश में भी यह दिखाने की आवश्यकता है कि विकास संबंधी लक्ष्यों में जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के मार्ग बाधा नहीं बनेंगे।
उधर, फ्रांस ने सभी देशों से जलवायु परिवर्तन पर पहला वैश्विक समझौता स्वीकार करने का आह्वान किया है। फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरेंट फैबियस ने कहा कि प्रस्तावित जलवायु दस्तावेज न्यायोचित, ठोस और कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
Latest World News