वाशिंगटन: पाकिस्तान के भारत के साथ शांति प्रक्रिया को निलंबन की स्थिति में बताए जाने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने कहा कि वह तनाव कम करने के लिए दोनों देशों को प्रत्यक्ष वार्ता के लिए प्रोत्साहित करता है और मानता है कि दोनों देशों को व्यावहारिक सहयोग से लाभ होगा। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने संवाददाताओं से कहा, हमारा मानना है और लंबे समय से हमारा यह कहना रहा है कि भारत और पाकिस्तान को संबंध सामान्य होने एवं व्यावहारिक सहयोग से लाभ होगा और हम उन्हें ऐसा करने एवं प्रत्यक्ष वार्ता करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जिनका लक्ष्य दोनों सरकारों और दोनों देशों के बीच तनाव कम करना हो।
टोनर से भारत में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित के उन बयानों के संबंध में प्रश्न पूछा गया था जिनमें बासित ने कहा था कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता इस समय निलंबित है। टोनर ने कल दोहराया कि अमेरिका की कश्मीर नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर वार्ता की गति, पैमाना और प्रकृति भारत और पाकिस्तान पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, कश्मीर संबंधी हमारी नीति में बदलाव नहीं आया है। कश्मीर पर कोई भी वार्ता और वार्ताओं की गति, पैमाना एवं प्रकृति दोनों पक्षों को निर्धारित करनी चाहिए। टोनर ने कहा, हम उस किसी भी और उन सभी सकारात्मक कदमों का समर्थन करते हैं जो भारत एवं पाकिस्तान निकट संबंध स्थापित करने के लिए उठा सकते हैं।
बासित ने कल नयी दिल्ली में दिए बयान में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव का भी जिक्र किया जो जासूसी के आरोप में इस समय पाकिस्तान में हिरासत में है। हालांकि टोनर ने भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी से जुड़े प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया। टोनर ने कहा, मैं गिरफ्तारी की रिपोर्ट के बारे में जानता हूं। मेरे पास गिरफ्तारी से जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी नहीं है।
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