वाशिंगटन: मृत्युदंड का सामना कर रहे भारतीय नागरिक रघुनंदन यांदामुरी ने एक अमेरिकी अदालत को बताया कि वह पेंसिल्वेनिया के राज्य सुप्रीम कोर्ट में अपील के दौरान अपना प्रतिनिधित्व वह खुद करेगा।
रघुनंदन को 61 वर्षीय सत्यवती वेन्ना और उसकी 10 माह की पोती सानवी वेन्न की दोहरी हत्याकांड में दोषी पाया गया है। उसने इन दोनों की हत्या वर्ष 2012 में पेंसिल्वेनिया में उनके ही अपार्टमेंट किंग ऑफ प्रूशिया में की थी।
एच-1 बी वीजा प्राप्त सॉफ्टवेयर इंजीनियर रघुनंदन ने सत्यवती और उनकी पोती को उनके हत्या कर दी थी।
स्थानीय मीडिया के अुनसार पिछले सप्ताह सुनवाई के बाद मोंटगोमरी काउंटी के न्यायाधीश स्टीव ओ नील ने रघुनंदन को अपने लिए जिरह करने के लिए अनुमति दी है, लेकिन उसे यह अनुमति यह चेतावनी देने के बाद दी है कि शीर्ष अदालत की प्रक्रिया कठोर और सख्त होती है।
बहरहाल, जरूरत पड़ने पर आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले रघुनंदन की सहायता के लिए न्यायाधीश ने दो वकील स्टीफन हेकमैन और हेनरी हिलेस को वैकल्पिक तौर पर नियुक्त किया है।
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