वाशिंगटन: इस्लामिक स्टेट ने बच्चों के लिए एक मोबाइल एप्प की शुरूआत की है जिसके माध्यम से वह अरबी भाषा के हिज्जे एवं शब्दावली सिखाएगा जिनमें टैंक, बंदूक और रॉकेट सहित जिहादी विषय शामिल हैं। लांग वॉर जर्नल ने खबर दी है कि आईएस की लाइब्रेरी ऑफ जील ने एंड्रायड उपकरणों के लिए एप्लीकेशन की शुरूआत की है जिसे बच्चे डाउनलोड करके अरबी भाषा के अक्षर और शब्द सीख सकते हैं।
इस ऐप्लीकेशन में जिन शब्दावलियों को शामिल किया गया है उनमें जिहादी विषय से संबंधित शब्द भी शामिल हैं। इस एप्प को इस्लामिक स्टेट टेलीग्राम चैनल और दूसरी फाइल शेयरिंग वेबसाइट के माध्यम से जारी किया गया है। एप्लीकेशन में ऐसे कई गेम दिए गए हैं, जिनके जरिए बच्चे अरबी भाषा के अक्षर सीख सकेंगे। इसमें इस्लामी गीत नशीद भी हैं जो बच्चों को अक्षर सीखने में मदद करेगा। इस एप्लीकेशन में टैंक, बंदूक और रॉकेट जैसे शब्दों को भी समाहित किया गया है। लांग वॉर जर्नल ने अपनी वेबसाइट पर इस एप्प की कई तस्वीरें पोस्ट की हैं। इस एप्प को देखकर इसमें वह सभी खूबियां नजर आती हैं, जो बच्चों के किसी एप्लीकेशन में होनी चाहिए।
ISIS से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार छह लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से कथित संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह लोगों को गुरुवार को एक विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत ने इन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश तब दिया जब एनआईए ने कहा कि उसे अब इस मामले में उनकी हिरासत की जरूरत नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश अमरनाथ ने मोहम्मद अजीमुद्दीन, मोहम्मद ओसामा, अखलाक उर-रहमान, मिराज और मोहसीन इब्राहिम सैयद को 10 जून तक न्यायिक हिरासत मैं भेज दिया। तीन दिन की एनआईए हिरासत खत्म होने पर इन आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
मोहम्मद मुश्ताक शेख नाम के छठे आरोपी को 19 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 19 मई को शेख की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो जाएंगे। आईएसआईएस से कथित संबंध रखने के आरोप में दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने इन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गृह मंत्रालय ने बाद में मामले की जांच का जिम्मा एनआईए को सौंप दिया। एनआईए ने पहले न्यायिक हिरासत में रहे इन आरोपियों को पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में लिया था।
एनआईए की दलील दी थी कि इस मामले की जांच निर्णायक चरण में है और उन्हें आतंकवाद के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के सामने बिठाकर पूछताछ करने की जरूरत है। एनआईए ने अदालत को बताया था कि आईएसआईएस की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए उनकी हिरासत जरूरी है।
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