वाशिंगटन: अपनी हाल में में हुई जीत से उत्साहित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ विदेशी नीति का खुलासा किया है। उन्होंने कट्टरपंथी इस्लाम के फैलाव को रोकने, ISIS को खत्म करने, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और रूस तथा चीन के साथ संबंधों में सुधार करने की बात कही है।
उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि अमेरिका की विदेश नीति से ‘जंग झाड़ने’ का वक्त आ गया है। 69 वर्षीय ट्रम्प ने कहा, ‘मैं आज बात करना चाहूंगा कि कैसे हमारे देश की नई विदेश नीति की दिशा तय हो, ऐसी दिशा जो अनियमितता के स्थान पर उद्देश्य, विचारधारा के स्थान पर रणनीति और अव्यवस्था के स्थान पर शांति लाये।’
रिपब्लिकन नेता ने कहा, ‘मेरी विदेश नीति हमेशा अमेरिका की जनता और अमेरिका की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखेगी। इसे सबसे पहले होना है। होना ही है।’ विदेश नीति पर ट्रम्प ने कल दिए अपने महत्वपूर्ण भाषण में भारत का जिक्र नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि वह रूस और चीन के साथ संबंधों को सुधारने का प्रयास करेंगे।
सभी पांच राज्यों मेरीलैंड, कनेक्टिकट, डेलावेयर, पेनसिल्वेनिया और रहोदे द्वीप में प्राइमरी में जीत हासिल करने के बाद स्वयं को रिपब्लिकन पार्टी का ‘संभावित’ उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद ट्रम्प ने यह भाषण दिया। उन्होंने कहा कि विदेशों में सेना भेजना उनके लिए अंतिम विकल्प होगा और वह कूटनीति तथा देश की आर्थिक शक्ति पर निर्भर करेंगे।
ट्रम्प ने कहा, ‘हमारे मित्रों और सहयोगियों के लिए, मैं कहना चाहता हूं कि अमेरिका फिर से मजबूत होने वाला है। अमेरिका फिर से विश्वसनीय होने वाला है। यह फिर से महान और विश्वसनीय होने वाला है। यह फिर से मित्र बनने वाला है। हम अंतत: एक स्थायी विदेश नीति पाने वाले हैं, जो अमेरिका के हितों और हमारे सहयोगियों के परस्पर हितों पर आधारित होगी।’
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