न्यूयार्क: केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि भारत लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और समावेशी समाज एवं विकास की खातिर महिलाओं के खिलाफ सभी तरह के भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कल कहा, भारत सरकार लैंगिक समानता का लक्ष्य हासिल करने एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ उनके खिलाफ सभी तरह के भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कमिशन ऑन स्टेटस ऑफ वीमेन (CSW) के 60वें सत्र के गोलमेज सत्र के दौरान मेनका ने कहा कि भारत सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य हासिल करने को प्रतिबद्ध है और उसने पारदर्शी एवं जवाबदेह तंत्रों के जरिए महिलाओं एवं पुरूषों को बराबरी का मौका देते हुए उनके लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के मकसद से आगे बढ़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मेनका ने कहा कि समावेशी समाज एवं विकास का लक्ष्य हासिल करने के मकसद से लैंगिक समानता सुनिश्चित करना और महिलाओं के खिलाफ हिंसा खत्म करना भारत के राष्ट्रीय ध्येय के लिए अहम है।
मंत्री ने बताया कि 2013 में भारतीय आपराधिक कानून में संशोधन कर यौन उत्पीड़न और शोषण की परिभाषा में अहम विस्तार दिया गया है और इसके तहत दोषियों की सजा में वृद्धि और हिंसा प्रभावित महिला को राहत उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाने के मकसद से लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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