वाशिंगटन: भारतीय सेना के साथ संयुक्त अभ्यासों में जुड़ने की अमेरिकी सेना की इच्छा और उत्सुकता में वृद्धि को देखते हुए अमेरिकी प्रशांत कमान के एक शीर्ष जनरल ने कहा है कि इस संबंध की रफ्तार नयी दिल्ली द्वारा तय की जा रही है। एशिया में अमेरिकी सेना के कमांडिंग जनरल विंसेंट के ब्रुक्स ने कहा, इस समय भारतीय सेना के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं और ये बढ़ रहे हैं। मैं कहूंगा कि सेना का सेना के साथ एक गर्मजोशी से भरा संबंध है। हमें कितना काम करने की अनुमति है, इस संबंध में हमें हमारी सरकारों की गति के जरिए काम करना है। लेकिन भारतीय सेना के साथ काम करने की हमारी इच्छा और उत्सुकता में वृद्धि हो रही है।
जनरल ब्रुक्स ने वाशिंगटन में रक्षा लेखकों के एक गोलमेज सम्मेलन में कहा कि अमेरिका एक गर्मजोशी से भरे संबंध की नींव के रूप में युद्धाभ्यास जैसे द्विपक्षीय अभ्यासों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अमेरिकी सैन्य उपकरणों की खरीद यदि समरूप नहीं तो साझेदार बनाने के लिए तो द्वार खोलती ही है।
पर्रिकर आज अमेरिकी रक्षामंत्री से मिलेंगे
भारत और अमेरिका के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदारी को गहरा करने के तौर तरीकों पर चर्चा करने के लिए रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर आज यहां अमेरिकी रक्षामंत्री एश्टन कार्टर से मुलाकात करेंगे। रक्षामंत्री के रूप में अपनी पहली अमेरिकी यात्रा पर गए पर्रिकर के सम्मान में उनके अमेरिकी समकक्ष पेंटागन में आज एक अनौपचारिक रात्रिभोज का आयोजन करेंगे और दोनों के कल भी मिलने का कार्यक्रम है। पेंटागन के प्रेस सचिव पीटर कुक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, इसके बाद कल द्विपक्षीय बैठक होगी जिसमें वे दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदारी को गहरा करने के तौर तरीकों पर चर्चा करेंगे । अपनी बैठक के तुरंत बाद दोनों नेता एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे । यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय रक्षामंत्री पेंटागन के संवाददाताओं को संबोधित करेंगे । कुक ने बताया कि इसके बाद, कार्टर और पर्रिकर वर्जीनिया स्थित नॉर्फक जाएंगे और विमानवाहक पोत यूएसएस आइजनहावर से उड़ान अभियानों को देखेंगे ।
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