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रूस, ईरान और उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका में भारी मतदान

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कमजोर करने वाले रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खतरनाक एवं युद्धकारी कदमों के लिए उनके खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने के लिए भारी मतदान किया।

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वाशिंगटन: अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कमजोर करने वाले रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के खतरनाक एवं युद्धकारी कदमों के लिए उनके खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने के लिए भारी मतदान किया। अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन ने कल तीन के मुकाबले 419 मतों से रूस, ईरान और उत्तर कोरिया प्रतिबंध विधेयक को पारित किया। इस विधेयक का उद्देश्य अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में हस्तक्षेप करने और यूक्रेन एवं सीरिया में मास्को की सैन्य आक्रमकता के लिए उसे दंडित करना है। इसका मकसद आतंकवाद को समर्थन जारी रखने के लिए तेहरान को भी सबक सिखाना है। (चीन ने अमेरिका को चेताया कहा, बंद करे 'खतरनाक' सैन्य गतिविधियां)

यह विधयेक अब सीनेट के पास जाएगा। वहां भी इन प्रतिबंधों को समर्थन प्राप्त है लेकिन उत्तर कोरिया पर दंडात्मक कार्रवाई को शामिल करने या नहीं करने पर बहस है। सदन के स्पीकर पॉल रेयान ने कहा कि यह इतिहास में सबसे बड़े प्रतिबंध पैकेजों में से एक है। हाउस डेमोक्रेटिक व्हिप स्टेनी एच होयर ने कहा कि यह विधेयक रूस के लिए बलप्रयोग मुश्किल बनाएगा और उन देशों को सशक्त बनाएगा जो रूसी आक्रमकता के खिलाफ हमारे साथ खड़े है।

विधेयक पारित होने के बाद हाउस फोरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष एड रोयस ने कहा, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ये तीनों रूस, ईरान एवं उत्तर कोरिया शासन अमेरिका के अहम हितों को खतरा पैदा कर रहे हैं और अपने पड़ोसियों में अस्थिरता पैदा कर रहे है। सीनेट में अल्पमत के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि कड़े प्रतिबंध विधेयक पर सदन में यह मतदान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह संदेश भेजता है कि अमेरिका के चुनाव में हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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