वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) NSG और मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजिम यानि MTCR का समर्थन किया है। ओबामा के समर्थन के बाद 34 देशों के MTCR में भारत की एंट्री फाइनल मानी जा रही है। MTCR में शामिल होने के बाद भारत हाई-टेक मिसाइल तकनीक को दूसरे देशों से हासिल भी कर सकेगा और अपनी मिसाइल तकनीक को दूसरे देशों को बेच भी सकेगा। इसके साथ ही भारत अमेरिका से ड्रोन भी खरीद सकेगा।
न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में शामिल 48 देशों में से ज्यादातर देश भारत की सदस्यता का समर्थन कर रहे हैं, हालांकि चीन भारत की NSG मेबंरशिप को लेकर अड़गा लगा रहा है।
दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की सहमति के बीच यह बात आई जिसमें भारत को रक्षा क्षेत्र में अमेरिका के करीबी साझेदार का दर्जा देने के रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यहां करीब घंटे भर चली बातचीत में ओबामा ने पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूहों से और डी कंपनी (अंडरवल्र्ड डॉन दाउद इब्राहिम के संदर्भ में) से आतंकवादी खतरों के खिलाफ भारत के साथ सहयोग करने का वादा भी किया।
वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, इस संदर्भ में उन्होंने (दोनों नेताओं ने) अपने अधिकारियों को अमेरिका-भारत आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक में साझेदारी के नये विशेष क्षेत्रों को चिह्नित करने का निर्देश दिया।
पठानकोट अटैक के साजिशकर्ताओं को दंडित करे पाकिस्तान:
पठानकोट आतंकी हमले को 26/11 जैसा मानते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि वह हमले को अंजाम देने वालों को सजा दे। अमेरिका ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और दाउद कंपनी जैसे पाकिस्तान स्थित संगठनों से आतंकी खतरे के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने का संकल्प जताया।
व्हाइट हाउस ने ओबामा-मोदी की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा, उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट आतंकवादी हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने का पाकिस्तान से आह्वान किया।
मोदी और ओबामा ने अपनी बातचीत में आतंकवाद से मानवता को सतत खतरे की बात मानी और पेरिस से लेकर पठानकोट तथा ब्रशेल्स से लेकर काबुल तक की हालिया आतंकी घटनाओं की निंदा की।
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