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बोर्ड में फीमेल एक्ज़ेक्यूटिव ज़्यादा हों, तो कंपनियां कम करती हैं अधिग्रहण

न्यूयार्क: कारपोरेट कंपनियों के बोर्ड में अगर ज्यादा संख्या में महिलाएं होती हैं, तो वह कंपनी अधिग्रहण के मामलों में कम शामिल होती हैं। एक नए शोध से यह जानकारी मिली है। शोधकर्ताओं में से

Women in corporate board- India TV Hindi
Women in corporate board

न्यूयार्क: कारपोरेट कंपनियों के बोर्ड में अगर ज्यादा संख्या में महिलाएं होती हैं, तो वह कंपनी अधिग्रहण के मामलों में कम शामिल होती हैं। एक नए शोध से यह जानकारी मिली है। शोधकर्ताओं में से एक अमेरिका के इंडियाना के नोट्रेडम विश्वविद्यालय के क्रैग क्रासलैंड का कहना है, "हमने यह प्रभाव उन कंपनियों में भी देखा जिनके बोर्ड में केवल एक महिला शामिल होती है।"

निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले किया गया 3000 अधिग्रहणों का अध्ययन

इन शोधकर्ताओं ने अमेरिका में 1998 से 2010 के बीच करीब 3000 अधिग्रहणों का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला। क्रासलैंड बताते हैं, "अगर बोर्ड में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ता है तो उससे अधिग्रहण के प्रति कंपनी के रुख में 18 फीसदी कमी आती है। अधिग्रहण के आकार में 12 फीसदी की कमी आती है और एक साल में विलय और अधिग्रहण के खर्च में 9.72 करोड़ डॉलर की कमी आती है।"

महिला एक्ज़ेक्यूटिव जल्द करती हैं चुनौतियों की पहचान

यह शोध स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि बोर्ड में महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी से बोर्ड की आपसी बातचीत की गतिशीलता बदल जाती है। क्रासलैंड बताते हैं, "हमारा मानना है कि अगर बोर्ड में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व है तो वे किसी सौदे की चुनौतियों की अधिक पहचान कर सकती हैं, इसका नतीजा यह होता है कि या तो सौदे में देर होती है या फिर वह सौदा हो ही नहीं पाता।" क्रासलैंड जोर देकर कहते हैं कि वे और उनके सहयोगी शोधकर्ता ये कतई दावा नहीं कर रहे हैं कि महिला निदेशकों का रुख जोखिम लेने व अनुभव के लिए तैयार रहने को लेकर पुरुष निदेशकों के मुकाबले कम होता है।

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