नई दिल्ली: माया सभ्यता एक विशाल और उन्नत सभ्यता थी, लेकिन फिर उसका पतन हो गया। इसकी वजह और माया सभ्यता से जुड़े तथ्यों की ढूंढ़ निकालने की कोशिश सालों से हो रही है, लेकिन इस काम में जैसी सफलता कनाडा के इस 15 साल के बच्चे को मिली है, वैसी तो विलुप्त हो चुकी सभ्यताओं का पता लगाने वाले बड़े-बड़े सूरमाओ को भी नहीं मिली।
दरअसल इस बच्चे ने सैटेलाइट से ली गई फोटो और ग्रहों की स्थिति के हिसाब से करीब-करीब विलुप्त हो चुकी माया सभ्यता का पता लगाया है। क्यूबेक के 15 साल के विलियम गैडोरी के अध्ययन के अनुसार माया सभ्यता के लोग नक्षत्रों के अनुसार अपने षहरों और कस्बों का चुनाव करते थे।
गैडोरी ने कनाडा की स्पेस एजेंसी की ओर से मुहैया कराई गईं सैटेलाइट तस्वीरों और गूगल अर्थ मैप का अध्ययन किया। जिसके बाद उसने पाया कि नक्षत्रों का तीसरा तारा जहां था, वहां उस शहर को स्थापित होना चाहिए था। हालाकि अभी इस शहर को खोजा नहीं गया है।
कनाडा स्पेस एजेंसी के डिनएल डी लिस्ले का कहना है कि घने जंगल होने के कारण इस इलाके का अध्ययन करना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट की तस्वीरों से ऐसा लग रहा है कि वहां जमीन के अंदर कोई बड़ी संरचना मौजूद है। बता दें की 2012 में इंटरनेट पर माया सभ्यता से संबंधित पूर्वानुमान वायरल होने के बाद विलियम गैडोरी इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक हुए थे।
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