न्यूयार्क: अमेरिका के शोधकर्ताओं ने एक ऐसे जीन की खोज की है, जो स्ट्रोक और डिमेंशिया के लिए जिम्मेदार होते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि, एफओएक्सएफ 2 नामक जीन मस्तिष्क में छोटी नाड़ियों की वजह से होने वाले स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है। यह छोटी नाड़ी रोग केवल स्ट्रोक के लिए ही नहीं, बल्कि डिमेंशिया को बढ़ाने में भी जिम्मेदार होता है। साथ ही यह अवसाद और चाल की समस्या से भी जुड़ा है। इस शोध से इस्कीमिक और होमोरैजिक स्ट्रोक, अल्जाइमर और अन्य डिमेंशिया रोगों के बेहतर निदान और चिकित्सा में मदद मिलेगी।
इस्केमिक (थक्का) स्ट्रोक मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति के वक्त रक्त वाहिका के भीतर रुकावट की वजह से होता है। होमोरैजिक (रक्तस्त्रावी) स्ट्रोक एक कमजोर रक्त वाहिका के टूटने और मस्तिष्क में रक्त के बहाव का परिणाम है। अमेरिका के बोस्टन युनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर से भारतीय मूल की सुधा शेषाद्री ने बताया, "हमारे शोध ने ऐसे जीन का पता लगाया है, जो इस्कीमिक स्ट्रोक के लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही यह कुछ अन्य जीन के बारे में भी बताता है जो इस्केमिक और होमोरैजिक के अतिरिक्त पेरीसाइट ( छोटी धमनियों की एक कोशिका) के नए मार्ग को भी प्रभावित करते हैं।" यह शोध 'लैंसेट न्यूरोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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