वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज अमेरिकियों से एकजुटता दिखाने का आग्रह किया और कहा कि पक्षपात, कट्टरता और नफरत के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। वर्जीनिया में नस्लीय हिंसा पर दिए विवादित बयान के कारण ट्रंप को चौतरफा आलोचना झोलनी पड़ी थी जिसके कुछ दिन बाद उनकी यह टिप्पणी आई है। हिंसा तब हुई जब श्वेतों के प्रभुत्व को मानने वाले लोगों और इसका विरोध करने वाले लोगों के बीच झाड़प हो गई, इसी बीच एक कार भीड़ पर चढ़ा दी गई और एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 19 अन्य घायल हो गए। घटना वर्जीनिया के शारलोट्सविले में 12 अगस्त को हुई थी। (भारतीय मूल के पत्रकार को लॉस एंजिलिस टाइम्स के संपादक पद से हटाया)
राष्ट्र के नाम अपने पहले प्राइम टाइम संबोधन में ट्रंप ने कहा, राष्ट्र के लिए हमारी निष्ठा एक-दूसरे के प्रति ईमानदारी की मांग करती है। अमेरिका के प्रति प्रेम का मतलब है उसके सभी लोगों के प्रति प्रेम। जब दिल में देशभक्ति होती है तो पक्षपात, कट्टरता और घृणा के लिए कोई जगह नहीं रहती। इस संबोधन में उन्होंने अफगान नीति पर भी बात की और दक्षिण एशिया में अपनी आगामी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी। ट्रंप ने कहा, युवा महिलाएं और पुरूष जिन्हें हम देश से बाहर युद्ध के लिए भेजते हैं उन्हें ऐसे देश में लौटने का हक है जो घरेलू स्तर पर युद्ध से ग्रस्त ना हो। अगर हम एक-दूसरे के साथ ही शांति से नहीं रहते हैं तो हम वि में शांति कायम करने की शक्ति नहीं बने रह सकते।
उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी अमेरिकी देशभक्तों ने राष्ट्र और उसकी स्वतंत्रता की खातिर आखिरी सांस तक युद्ध के मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है। ट्रंप ने कहा, गणतंत्र की सुरक्षा के लिए लड़ने वाले लोगों की मिसाल से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमारे राष्ट्र को एकजुट होने, उबरने और ईर के मार्गदर्शन में एक राष्ट्र बने रहने की जरूरत है। हमारी सेना के महिला और पुरूष एक टीम की तरह काम करते हैं, एक साझाा अभियान और एक साझा उद्देश्य की भावना के साथ। ट्रंप ने कहा, एकजुट होकर काम करने, बलिदान देने के लिए वे नस्ल, जाति, संप्रदायों से उुपर उठ गए।
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि सैन्य बलों में काम करने वाले सभी सदस्य भाई-बहन हैं। वह एक परिवार के सदस्य हैं जिसे अमेरिकी परिवार कहा जाता है। वे एक जैसी शपथ लेते हैं, वह एक ही झांडे के लिए लड़ते हैं और एक ही कानून के तहत रहते हैं। उन्होंने कहा, वह सभी एक समान मकसद, परस्पर विास और राष्ट्र तथा एक-दूसरे के प्रति नि:स्वार्थ समर्पण से जुड़े हुए हैं। रैली में हिंसा के लिए ट्रंप ने दोनों पक्षों को जिम्मेदार ठहराया था। उनकी इस टिप्पणी की तीखी आलोचना हुई थी। ट्रंप के बयान से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था। उनके इस बयान से नाराज वरिष्ठ कारोबारी अधिकारियों ने उनकी आर्थकि सलाहकार परिषदों से इस्तीफा दे दिया था।
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