वाशिंगटन: रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति के दावेदारों में सबसे आगे चल रहे डोनाल्ड ट्रंप मुसलमानों को अमेरिका में आने से रोकने के अपने बयान पर कायम हैं। ट्रंप को अपने समर्थकों का साथ मिल रहा है। लेकिन, उनके बयान की सभी राजनैतिक दलों ने बड़े पैमाने पर आलोचना की है। आलोचना से बेपहरवाह ट्रंप ने अपनी बात को आतंकवाद के खिलाफ एक अस्थाई कदम बताया है।
अपनी बात के पक्ष में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट का भी सहारा लिया है। रूजवेल्ट ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान, जर्मनी और इटली के आव्रजकों पर रोक लगा दी थी।
ट्रंप ने एमएसएनबीसी से मंगलवार को कहा, "यह वह राष्ट्रपति हैं, जिनका सभी बहुत सम्मान करते हैं। 1940 के दशक में राष्ट्र युद्ध का सामना कर रहा था और आज चरमपंथी इस्लाम से युद्ध का सामना कर रहा है।"ट्रंप ने कहा, "हमें एक बेहद गंभीर समस्या पर हाथ डालना होगा। यह और खराब होती जा रही है। अगर हम सख्ती, चुस्ती नहीं दिखाएंगे, दिमाग का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर होंगे, और बड़े वर्ल्ड ट्रेड सेंटर होंगे।"
ट्रंप ने मंगलवार को कई टीवी चैनलों को इंटरव्यू दिया। उन्होंने एबीसी चैनल से बात में साफ किया कि उनका प्रस्ताव अमेरिकी मुसलमानों के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, "कोई मुसलमान (अमेरिकी) बाहर जाता है और फिर लौटता है तो वह लौट सकता है। वे नागरिक हैं। इनकी बात अलग है।"
व्हाइट हाउस ने ट्रंप की कड़े शब्दों में आलोचना की है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा कि ट्रंप राष्ट्रपति बनने लायक नहीं हैं। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैरी रीड ने पूरी रिपब्लिकन पार्टी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप वही बात चिल्ला कर कह रहे हैं जो बात अन्य रिपब्लिकन इशारों में कहते हैं।
उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने ब्लूमबर्ग न्यूज से कहा कि ट्रंप अगर रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी चुने जाते हैं तो उनके 'खतरनाक बयान' की वजह से डेमोक्रेट प्रत्याशी को आसानी से जीत मिल जाएगी। उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप को बता दें, नफरत अमेरिकी मूल्य नहीं है।"
Latest World News