वाशिंगटन: एक ऐतिहासिक फैसले के तहत पेंटागन ने अग्रिम मोर्चे की लड़ाकू भूमिकाओं समेत सेना के सभी पदों को महिलाओं के लिए खोलने का निर्णय किया है जबकि राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि यह कदम देश के सशस्त्र बलों को मजबूत करेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कल पेंटागन में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, हम खुद को देश के आधे कौशल और हुनर से वंचित नहीं रख सकते। हमें हर उस व्यक्ति से पूर्ण लाभ लेना है, जो हमारे मानकों पर खरा उतरता है।
बीते कई वर्षों में, विशेषकर ओबामा प्रशासन के पिछले सात वर्षों में सशस्त्र बलों को धीरे-धीरे महिलाओं के लिए खोला जा रहा था। बहरहाल, सेना में इस समय लगभग 10 प्र्रतिशत पद ऐसे हैं, जिनपर महिलाओं की नियुक्ति नहीं हो सकती। इनमें पैदल सेना, बख्तरबंद, टोही बल और कुछ विशेष अभियान इकाइयां शामिल हैं। कार्टर ने कहा, आज मैं लगातार चले आ रहे अपवादों को जारी न रखने की घोषणा कर रहा हूं। इसके तहत इन बचे हुए सभी पदों और पेशों को महिलाओं के लिए खोला जाता है। इसका अर्थ यह है कि जब तक वे योग्य पाई जाती हैं और मानकों पर खरी उतरती हैं, तब तक वे अभूतपूर्व तरीके से हमारे मिशन में योगदान देती रह सकेंगी।
ओबामा ने कहा, आज रक्षा मंत्रालय सेना के शेष 10 प्रतिशत पदों को महिलाओं के लिए खोलकर एक अन्य ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। इन पदों में महिलाओं के लिए लड़ाकू भूमिकाएं भी शामिल हैं। जैसे कि कमांडर इन चीफ। मैं जानता हूं कि दूसरे बदलावों की तरह यह बदलाव हमारी सेना को पहले से मजबूत करेगा। कार्टर ने कहा, उन्हें टैंक चलाने, मोर्टार दागने और हमले में थलसैनिकों का नेतृत्व करने का अधिकार होगा। वे आर्मी रेंजर और ग्रीन बेरेट्स, नेवी सील्स, मरीन कोर के प्राथमिक मोर्चे, वायुसेना के पैरा जंपर्स और हर उस अन्य पद पर तैनात हो सकेंगी, जिनपर पहले सिर्फ पुरूषों को ही लिया जाता था।
ओबामा ने कहा, अफगानिस्तान और इराक युद्धों में हमारी साहसी महिला सैनिकों ने अग्रिम मोर्चों पर सम्मान के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। कई महिला सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान भी दिया है। 2.8 लाख से ज्यादा महिलाएं इराक और अफगानिस्तान में वास्तविक युद्धक स्थितियों में गरिमापूर्ण ढंग से अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
Latest World News