तीन महीने तक किया यौन उत्पीडन
पहली रात जब उन्होंने हमें लड़ाकों के पास भेजा वह बहुत मोटा लड़ाका था जो मुझे चाहता था। जब हम सेंटर पर गए तो मैं फ़र्श पर थी, मैंने उस व्यक्ति के पैर देखे। मैं गिड़गिड़ाती रही, लेकिन मेरी एक नहीं सुनी गई। एक हफ़्ते बाद जब मैंने भागने की कोशिश की तो वे मुझे कोर्ट मे ले गए और सज़ा के तौर पर छह सुरक्षा गार्डों ने मेरा बलात्कार किया। तीन महीने तक मेरा यौन उत्पीड़न होता रहा। एक बार मैं एक पुरुष के साथ थी। वो मेरे लिए कुछ कपड़े ख़रीदना चाहता था, क्योंकि उसका इरादा मुझे बेच देने का था। जब वो दुकान पर गया।
मुस्लिम परिवार ने की मदद
मैं घर पर अकेली थी और मैं वहाँ से भाग निकली। मैं मोसुल की गलियों में भाग रही थी तभी मैंने एक मुस्लिम परिवार का दरवाज़ा खटखटाया और उन्हें पूरी घटना सुनाई। उन्होंने मेरी मदद की और कुर्दिस्तान की सीमा तक पहुँचाया। मेरे पास पासपोर्ट नहीं था, किसी देश की नागरिकता नहीं थी। मैं कई महीनों तक अपने दस्तावेज़ पाने के लिए इराक़ में रुकी रही। उसी वक़्त जर्मन सरकार ने वहाँ के 1000 लोगों की मदद करने का फ़ैसला किया। मैं उन लोगों में से एक थी। फिर अपना इलाज कराने के दौरान एक संगठन ने मुझसे कहा कि मैं संयुक्त राष्ट्र में जाकर आपबीती सुनाऊं।
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