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Hindi News विदेश अमेरिका रूस-चीन से दुश्मनी के बीच इतिहास में पहली बार आर्मी चीफ विहीन हुई अमेरिका की सेना, जानें क्या हो सकते हैं खतरे

रूस-चीन से दुश्मनी के बीच इतिहास में पहली बार आर्मी चीफ विहीन हुई अमेरिका की सेना, जानें क्या हो सकते हैं खतरे

अमेरिकी इतिहास में पहली बार उसकी जल और थल सेना प्रमुख विहीन हो गई है। दोनों सेनाओं के पास आर्मी चीफ नहीं होने से सिर्फ अमेरिका की सुरक्षा को ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा को भी खतरा है। यह स्थिति दुनिया के उन देशों के लिए भी चिंताजनक है, जिनकी सुरक्षा की गारंटी देना यूएस का दायित्व है।

यूएस आर्मी (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi Image Source : AP यूएस आर्मी (प्रतीकात्मक फोटो)

रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन-ताईवान में तनाव के चलते अमेरिका के लिए वैश्विक हालात से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। रूस और चीन से उपजी ऐसी दुश्मनी के बीच इतिहास में पहली बार अमेरिका की सेना आर्मी चीफ विहीन हो गई है। इससे पेंटागान में चिंता छा गई है। अमेरिका की जल और थल सेना के पास ऐसे वक्त में कोई प्रमुख नहीं है, जब चीन और रूस उसके खिलाफ हर मौके की तलाश में हैं। ऐसे में लंबे समय तक यदि कोई अमेरिकी सेना का प्रमुख नियुक्त नहीं किया गया तो सिर्फ यूएसए की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी खतरा है। इन खतरों से अमेरिका भी वाकिफ है। इसीलिए अमेरिका के रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अमेरिका सेना के प्रमुख का पद खाली होने पर देश और और दुनिया की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है।

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने शुक्रवार को सेना प्रमुख के पद छोड़ने के मद्देनजर आगाह किया कि सेना की तैयारी और कर्मियों को जोड़े रखने की उसकी क्षमता खतरे में है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख के पद छोड़ने के बाद अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब दो जमीनी सशस्त्र बलों (सेना और मरीन) के पास सीनेट द्वारा नियुक्त प्रमुख नहीं है। ज्वाइंट बेस मायर-हेंडरसन हॉल में आयोजित एक समारोह में ऑस्टिन ने कहा कि सशस्त्र सेवाओं के नये प्रमुखों के नाम की पुष्टि करने में सदन की विफलता बलों के लिए हानिकारक है और दुनियाभर में हमारे सहयोगियों एवं भागीदारों के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती है।

क्यों नहीं हो रही अगले सेना प्रमुख की नियुक्ति

अमेरिका में अगले सेना प्रमुख और मरीन कमांडेंट की नियुक्ति 300 से अधिक लंबित सैन्य नियुक्तियों में शामिल है, जिसे अलबामा के रिपब्लिकन सांसाद टॉमी ट्यूबरविले ने रोक रखा है, क्योंकि वह पेंटागन की उस भुगतान नीति के पक्ष में नहीं हैं, जिसके तहत गर्भपात या अन्य प्रजनन चिकित्सा के लिए सैन्य कर्मियों के विदेश जाने का खर्च उठाया जाता है। ऑस्टिन ने कहा, ''रक्षा क्षेत्र के इतिहास में पहली बार, आज हमारी दो सेवाएं सदन की पुष्टि वाले नेतृत्व के बिना चल रही हैं। महान दलों को महान नेतृत्व की आवश्यकता होती है और यह सबसे ताकतवर बल की ताकत बनाए रखने के लिए बेहद अहम है।

'' सेना प्रमुख जेम्स मैककॉनविले की जगह उप प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को अगला प्रमुख नामित किया गया है। वहीं, मरीन जनरल एरिक स्मिथ को बल के अगले कमांडेंट के रूप में नामित किया गया है। हालांकि, सीनेट द्वारा दोनों के नाम की पुष्टि नहीं किए जाने की वजह से वे फिलहाल कार्यकारी प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पेंटागन चिंतित है। इनपुट (एपी)

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