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"पैसा नहीं आ रहा, ईरान बुरी हालत में', ट्रंप का दावा- तुरंत होर्मुज खोलना चाहता है तेहरान

ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज बंद होने से ईरान को आर्थिक नुकसान हो रहा है और अब वह इसे तुरंत खोलना चाहता है। इससे पहले, ट्रंप ने होर्मुज को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

US President Donald Trump- India TV Hindi
Image Source : PTI अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत फिर से खोलना चाहता है, क्योंकि जलमार्ग के बंद होने से उसे भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि रणनीतिक जलमार्ग को बंद करने का फैसला ईरान के लिए ही नुकसानदायक साबित हुआ और उसने खुद को मुश्किल में डाल लिया।

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "वे मुश्किल में हैं। क्यों? क्योंकि वे बुरी हालत में हैं। उनके पास पैसा नहीं आ रहा है।" उन्होंने दावा किया कि ईरान को होर्मुज के जरिए होने वाली गतिविधियों से आर्थिक लाभ मिलता है और इसे बंद करने के फैसले से उसकी आय प्रभावित हुई है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने दुनिया के लिए परेशानी पैदा करने के इरादे से होर्मुज को बंद किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने उनके शब्दों में, "सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकाबंदी" लागू कर दी। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था के तहत दूसरे देशों को जलमार्ग का इस्तेमाल करने की अनुमति है, जबकि ईरान पर दबाव बढ़ा है।

ईरान ने रखी थी 7 दिन में होर्मुज खोलने की शर्त

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत शुरू करने के लिए तीन शर्तों के साथ 7 दिन की रूपरेखा पेश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इसके लिए अमेरिका से अपने नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम का पालन करने की मांग की थी। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

ईरान- शर्तें पूरी होने पर ही खुलेगा होर्मुज

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान ने 7 दिन के रोडमैप पर ट्रंप की प्रतिक्रिया को नोट किया है, लेकिन मध्यस्थ के जरिए अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है। अराघची के मुताबिक, होर्मुज को फिर से खोलने को लेकर ईरान की शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जलमार्ग को खोलने का फैसला इन शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर करेगा।

अराघची ने कहा कि ईरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के औपचारिक रुख का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमारी शर्तें स्पष्ट हैं और होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में कोई भी कदम इन शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।"

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