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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका का 'नया इलाका', ट्रंप ने शेयर किया मैप, मिडिल ईस्ट में बढ़ी हलचल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नया मैप शेयर किया है। इस बार उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया है।

Donald trump- India TV Hindi
Image Source : AP/ TRUTH SOCIAL @REALDONALDTRUMP डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मैप

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के टूटने के बाद मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी दावे को लेकर एक मैप शेयर किया है। उन्होंने इसे अमेरिका का 'नया इलाका' बताया। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर इस मैप को शेयर करते हुए कहा- "न्यूज़ U.S. टेरिटरी। होर्मुज स्ट्रेट।" वहीं ट्रंप के इस दावे ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट में हलचल बढ़ा दी है।

पहले भी ट्रंप कर चुके हैं ऐलान

इससे पहले ट्रंप ने 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में एक इवेंट में कहा था कि स्ट्रेट ऑफ  होर्मुज को जल्द ही अमेरिका का इलाका घोषित किया जाएगा। कुछ दिनों बाद 18 अगस्त को, उन्होंने यही तस्वीर शेयर की थी और कहा था कि जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित किया जाएगा।

Image Source : Truth Social@realDonaldTrumpट्रंप ने शेयर किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मैप

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच काफी विवाद रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि तेहरान को इसे फिर से खोलना होगा जबकि ईरान का कहना था कि होर्मुज उसके कंट्रोल में रहेगा। वो जैसा चाहेगा इस इलाक में वैसा ही होगा। वहीं ईरान ने होर्मुज पर ट्रंप के दावों की भी आलोचना की है, और गंभीर नतीजों की चेतावनी दी है।

अमेरिका वादे पूरे और बर्ताव को बदले: ईरान

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि तेहरान तब तक होर्मुज को फिर से नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका अपने कमिटमेंट्स पूरे नहीं करता और अपना बर्ताव नहीं बदलता। ईरान इंटरनेशनल ने रेज़ाई के हवाले से कहा, "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ बंद है और फिर से नहीं खुलेगा।  अगर अमेरिका अपना बर्ताव बदलता है और अपने कमिटमेंट्स पूरे करता है, तो फिर समीकरण बदलेंगे, लेकिन इस बार अमेरिका को एक्शन लेना होगा। इसे बातों और बातचीत से हल नहीं किया जा सकता।"

ईरान युद्ध से पहले दुनिया में कारोबार किए जाने वाले तेल का पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण मार्ग से होकर गुजरता था, लेकिन ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य अन्य यातायात के लिए काफी हद तक बंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान जहाजों पर हमले करता है। ईरान चाहता है कि अमेरिका नाकेबंदी हटाए, युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजा दे, आर्थिक प्रतिबंध हटाए और ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त करे। अब ट्रंप के इस नए ऐलान से मिडिल ईस्ट में एक बार फिर टकराव बढ़ने के आसार हैं।

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