वाशिंगटन:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इज़राइल और हमास से गाजा शांति योजना पर 'तेजी से आगे बढ़ने' का आग्रह किया और चेतावनी दी कि इसमें देरी करने पर'भारी रक्तपात' हो सकता है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इज़राइल और हमास संभावित युद्धविराम की उम्मीद के बीच आज मिस्र में बातचीत करने वाले हैं।
सदियों पुराने संघर्ष पर नज़र रखेंगे: ट्रंप
ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि इस सप्ताहांत हमास और दुनिया भर के देशों (अरब, मुस्लिम और अन्य सभी) के साथ बंधकों को रिहा करने, गाजा में युद्ध समाप्त करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मध्य पूर्व में शांति की मांग की जा रही है इस पर बहुत पॉजिटिव रुख के साथ चर्चा हुई है।"
उन्होंने कहा, "ये बातचीत बहुत सफल रही हैं और तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। तकनीकी टीमें सोमवार को मिस्र में फिर से बैठक करेंगी और अंतिम विवरणों को स्पष्ट करेंगी।"
ट्रंप ने आगे कहा, "मुझे बताया गया है कि पहला चरण इसी हफ़्ते पूरा हो जाना चाहिए, और मैं सभी से तेज़ी से आगे बढ़ने का अनुरोध करता हूं। मैं इस सदियों पुराने "संघर्ष" पर नज़र रखता रहूंगा। अगर देरी हुई तो फिर भारी रक्तपात होगा - ऐसा कुछ जो कोई नहीं देखना चाहेगा!"
Image Source : Truth socialडोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर किया पोस्ट
ट्रंप की चेतवानी पर झुका हमास!
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक चेतावनी दी थी कि अगर हमास गाजा पट्टी के लिए प्रस्तावित शांति समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो उसे और अधिक हमलों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप सात अक्टूबर को इजराइल-हमास युद्ध के दो साल पूरे होने से पहले लड़ाई खत्म करवाने और दर्जनों बंधकों की वापसी सुनिश्चित करने के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से गाजा पट्टी में शांति बहाली के लिए पेश की गई योजना को इजरायल और हमास दोनों ने स्वीकार कर लिया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका स्वागत किया गया है।
हमास की सहमति मिलते ही ट्रंप ने इजरायल को बमबारी तुरंत रोकने का आदेश दिया है। हमास ने कहा है कि वह बंधकों को रिहा करेगा और सत्ता अन्य फलस्तीनियों को सौंपेगा, हालांकि योजना के दूसरे बिंदुओं पर फलस्तीनियों के बीच विस्तृत चर्चा होगी। हमास के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कुछ प्रमुख असहमतियां हैं, जिनपर विस्तृत चर्चा की जरूरत है। ट्रंप ने हमास के फैसले का स्वागत किया है। अब ट्रंप इसे जल्द से जल्द लागू करने पर जोर दे रहे हैं।
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