A
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. 'मुझे लगता है कि मोजतबा खामेनेई अभी जिंदा हैं', अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बयान

'मुझे लगता है कि मोजतबा खामेनेई अभी जिंदा हैं', अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बयान

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई जीवित हैं और क्षेत्रीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जटिल और लंबी वार्ता की जरूरत बताई।

Marco Rubio statement, Mojtaba Khamenei alive, Iran Supreme Leader, US Iran relations- India TV Hindi
Image Source : AP अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई।

वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जीवित हैं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही वार्ताओं में उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। रुबियो ने यह बात अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, 'ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मोजतबा खामेनेई किसी न किसी स्तर पर नेतृत्व से जुड़े मामलों में लगातार अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।'

28 फरवरी के बाद से नजर नहीं आए हैं मोजतबा

हाल के महीनों में खामेनेई की स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। वह 28 फरवरी को हुए एक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हमले में उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए, जिससे उनके स्वास्थ्य और नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि खामेनेई अभी भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर युद्ध रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

'फैसले सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन में ही लिए जा रहे'

पिछले महीने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी कहा था कि ईरान में सर्वोच्च नेता की अनुमति के बिना कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाता। उन्होंने जोर देकर कहा था कि अमेरिका के साथ जारी कूटनीतिक बातचीत के दौरान भी सभी प्रमुख नीतियां और फैसले सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन में ही लिए जा रहे हैं। ईरानी प्रसारण निगम की यात्रा के दौरान पेजेशकियन ने कहा था कि उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बयान या नीति सर्वोच्च नेता के विचारों के खिलाफ न जाए और शासन व्यवस्था के विभिन्न स्तंभों के बीच ऐसा कोई मतभेद पैदा न हो, जिसका फायदा विरोधी ताकतें उठा सकें।

परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में लगेगा लंबा वक्त!

रुबियो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता के हिस्से के रूप में परमाणु मुद्दों पर होने वाली बातचीत बेहद तकनीकी और जटिल होगी तथा इसे पूरा होने में कई महीने लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि वार्ता के अगले चरण में ईरान को कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। इनमें रणनीतिक महत्व वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को तय शर्तों के तहत फिर से खोलना और 'एनरिच्ड यूरेनियम' के भविष्य को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धता शामिल है।

'ऐसे मुद्दों को 5 दिन में हल नहीं किया जा सकता'

रुबियो ने कहा कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) गतिविधियों पर दीर्घकालिक और कड़े प्रतिबंधों या उन्हें पूरी तरह समाप्त करने को लेकर भी बातचीत के लिए तैयार होना होगा। उन्होंने कहा, 'ये बेहद तकनीकी मुद्दे हैं, जिन्हें 5 दिन में हल नहीं किया जा सकता। इसके लिए विशेषज्ञों की टीमों को 30, 60 या 90 दिनों तक बैठकर विस्तृत चर्चा करनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान को ऐसी वार्ताओं के लिए अपनी स्पष्ट सहमति और प्रतिबद्धता दिखानी होगी।'

Latest World News