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ईरान से शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान रवाना हुए जेडी वेंस, बोले- ‘ईमानदारी से बात हो तो समझौता संभव’

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता होनी है। अमेरिका की तरफ से बातचीत का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे और उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर भी मौजूद होंगे।

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Image Source : AP अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस।

वॉशिंगटन: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद के लिए रवाना हुए, जहां वे ईरान के साथ शांति वार्ता का नेतृत्व करेंगे। एयर फोर्स टू में सवार होने से पहले उन्होंने कहा, 'हम बातचीत को लेकर उत्साहित हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक रहने वाली है, हालांकि देखना होगा कि आगे क्या होता है।' वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा, 'अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत करने को तैयार है, तो हम भी खुले दिल से आगे बढ़ेंगे। लेकिन अगर वे हमसे खेलने की कोशिश करेंगे, तो हमारी टीम उतनी सहज नहीं रहेगी।'

'राष्ट्रपति से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिले हैं'

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने करीबी वेंस को इस वार्ता के लिए खासतौर पर चुना है। वेंस ने कई मौकों पर ईरान से जंग को लेकर संकोच जताया है, और ट्रंप को उम्मीद है कि वह 6 हफ्ते पहले शुरू हुए युद्ध का समाधान निकालने में मदद कर सकते हैं। ट्रंप ने पहले ईरान को उसकी 'पूरी सभ्यता खत्म करने' तक की धमकी भी दी थी। वेंस ने कहा कि ट्रंप ने वार्ता के लिए 'काफी स्पष्ट दिशा-निर्देश' दिए हैं, लेकिन उन्होंने विस्तार से उनके बारे में बात नहीं की और यात्रा के दौरान पत्रकारों के सवाल भी नहीं लिए।

मुश्किल नजर आ रहा है समझौता

बता दें कि यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अस्थायी युद्धविराम टूटने के कगार पर है। ईरान की मांगों और अमेरिका व उसके सहयोगी इजरायल के रुख के बीच गहरी खाई बनी हुई है, जिससे समझौता मुश्किल नजर आ रहा है। वेंस के साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर भी इस मिशन में शामिल हैं। ये दोनों पहले ईरानी वार्ताकारों के साथ 3 दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत में हिस्सा ले चुके हैं। इन वार्ताओं का मकसद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक हथियार कार्यक्रम और मध्य पूर्व में उसके समर्थित समूहों को लेकर अमेरिकी चिंताओं का समाधान निकालना था।

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