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किस मुद्दे पर रूस ने UN से की गुप्त मतदान की मांग, संयुक्त राष्ट्र ने बदल दिया महासभा का अध्यक्ष

रूस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए गुप्त मतदान की मांग की, लेकिन उसे यूएन ने खारिज कर दिया। महासभा अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री बेयरबॉक को नया अध्यक्ष चुन लिया गया।

संयुक्त राष्ट्र। - India TV Hindi
Image Source : AP संयुक्त राष्ट्र।

संयुक्त राष्ट्र: रूस संयुक्त राष्ट्र से गुप्त मतदान कराने की मांग करता रहा, लेकिन कई सदस्यों ने उसका विरोध कर दिया। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा का अगला अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई। रूस की मांग और विरोध के बीच संयुक्त राष्ट्र ने महासभा का अध्यक्ष बदल दिया यानि यूएन ने अपना नया अध्यक्ष चुन लिया। जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक को संयुक्त राष्ट्र महासभा का अगला अध्यक्ष चुन लिया गया है।

कौन हैं बेयरबॉक जो बनीं महासभा की नई अध्यक्ष

बेयरबॉक जर्मनी की नेता हैं, जो विदेश मंत्री भी रह चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्यीय विश्व निकाय में हुए मतदान में बेयरबॉक को 167 वोट मिले। हालांकि उन्हें अध्यक्ष बनने के लिए केवल 88 मतों की ही जरूरत थी। मगर उनको इससे लगभग दोगुने वोट मिले हैं। यह चुनाव रूस की गुप्त मतदान की मांग और विरोध के बीच संपन्न हुआ।जर्मनी की एक अन्य वरिष्ठ राजनयिक हेल्गा श्मिड को लिखित रूप में सात वोट मिले, जबकि 14 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया।

बेयरबॉक का कैसे आया महासभा अध्यक्ष के लिए प्रस्ताव

गौरतलब है कि जर्मनी ने प्रारंभ में महासभा अध्यक्ष पद के लिए पहले श्मिड को नामित किया था, लेकिन हाल के राष्ट्रीय चुनावों में बेयरबॉक की विदेश मंत्री पद से हार के बाद जर्मन सरकार ने उनका नाम इस अंतरराष्ट्रीय पद के लिए आगे बढ़ाया। इस निर्णय को लेकर जर्मनी में आलोचना भी हुई। 15 मई को जब बेयरबॉक ने महासभा के समक्ष अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की, तो संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत दिमित्री पोलियांस्की ने तीखा विरोध जताया। उन्होंने कहा, "सुश्री बेयरबॉक ने बार-बार अपनी अक्षमता, पूर्वाग्रह और कूटनीति के बुनियादी सिद्धांतों की समझ की कमी को उजागर किया है।" उन्होंने बेयरबॉक पर रूस विरोधी नीति अपनाने का आरोप भी लगाया और उनकी शांति व संवाद के लिए कार्य करने की क्षमता पर सवाल उठाए।

बेयरबॉक ने क्यों की रूस की आलोचना

बेयरबॉक ने रूस की गुप्त मतदान की मांग की आलोचना करते हुए कहा, "मैं आभारी हूं कि अधिकांश सदस्य देशों ने मुझ पर भरोसा जताया है। मैं इस चुनौतीपूर्ण समय में सभी देशों के साथ मिलकर कार्य करने को तैयार हूं।" सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की शुरुआत में वे कैमरून के पूर्व प्रधानमंत्री फिलेमोन यांग की जगह लेंगी। वे संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक महासभा और स्थापना वर्षगांठ समारोह की अध्यक्षता भी करेंगी।

कब होता है महासभा अध्यक्ष का चुनाव

बता दें कि महासभा अध्यक्ष का चुनाव हर वर्ष होता है और इस बार का चुनाव विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, क्योंकि यह वैश्विक चुनौतियों के दौर में हुआ। अपने संबोधन में बेयरबॉक ने कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल का विषय "Better Together" (बेहतर साथ मिलकर) होगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दुनिया आज अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और सहयोग ही इसका समाधान है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बेयरबॉक को बधाई देते हुए कहा कि वे ऐसे समय में पद संभालेंगी, जब विश्व को केवल संघर्ष, जलवायु आपदा, गरीबी और असमानता ही नहीं, बल्कि विभाजन और अविश्वास जैसे संकटों का भी सामना करना पड़ रहा है। (एपी)

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