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पोप लियो की आलोचना के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की विवादित तस्वीर, जीसस के रूप में आए नजर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अलग ही रूप देखने को मिला है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच Truth Social पक एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें वो जीसस के रूप में नजर आ रहे हैं।

Trump Posts Image Depicting Himself as Jesus- India TV Hindi
Image Source : (TRUTH SOCIAL@REALDONALDTRUMP)/ AP Trump Posts Image Depicting Himself as Jesus

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैथोलिक चर्च की आलोचना को एक नए पर पहुंचा दिया है। पोप लियो की आलोचना के कुछ ही समय बाद ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इस तस्वीर में ट्रंप खुद को जीसस की तरह दिखाते हुए और चमत्कार करते हुए दिख रहे हैं। यह तस्वीर मुख्य रूप से बाइबल में बताए गए जीसस के उन चमत्कारों में से एक का प्रतीक है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने लाजरस को मौत के बाद फिर से जिंदा कर दिया था।

ट्रंप का नया रूप

डिजिटल रूप से बनाई गई इस तस्वीर में ट्रंप लंबे-चौड़े चोगे पहने हुए, एक बीमार आदमी पर अपना हाथ रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दृश्य के चारों ओर देशभक्ति और प्रतीकात्मक चीजें मौजूद हैं, जिनमें अमेरिकी झंडा, सैन्य विमान और पृष्ठभूमि में कुछ ऐसी आकृतियां शामिल हैं जो देवदूतों जैसी लग रही हैं। यह पोस्ट ट्रंप द्वारा पोप लियो की आलोचना करने के कुछ ही समय बाद पोस्ट की गई है। ट्रंप ने पोप को विदेश नीति के लिए बहुत बुरा बताया था।

ट्रंप का दावा

Truth Social पर पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अगर वो अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर नहीं चुने गए होते तो पोप फ्रांसिस के निधन के बाद पोप लियो को अगला पोप नियुक्त नहीं किया जाता। उन्होंने पोप पर अपराध के मामले में कमजोर और विदेश नीति के लिए बहुत बुरा होने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति की ये टिप्पणियां पोप लियो की ओ से वैश्विक संघर्षों, जिनमें ईरान से जुड़ा मौजूदा तनाव भी शामिल है, के प्रति वॉशिंगटन के रवैये की हालिया आलोचना के बाद आई हैं। पोप ने शांति और बातचीत की अपील की थी। 

'पोप का नरम रुख'

Truth Social पर अपने बयान में, ट्रंप ने यह आरोप भी लगाया कि पोप ईरान द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने और विदेशों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों जैसे मुद्दों पर नरम रुख अपनाते हैं। उन्होंने अपने प्रशासन की नीतियों का बचाव करते हुए दावा किया कि उन्हें भारी बहुमत से इसलिए चुना गया था ताकि वो मजबूत कानून-व्यवस्था के उपाय लागू कर सकें और एक आक्रामक विदेश नीति अपना सकें।

 मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए: ट्रंप 

ट्रंप ने यह भी कहा कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो यह सोचे कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो यह सोचे कि अमेरिका का वेनेज़ुएला पर हमला करना बहुत बुरा था। एक ऐसा देश जो अमेरिका में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भेज रहा था और इससे भी बुरा, अपनी जेलों को खाली करके हत्यारों, नशीले पदार्थों के तस्करों और जानलेवा अपराधियों को हमारे देश में भेज रहा था। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना करे क्योंकि मैं ठीक वही कर रहा हूं जिसके लिए मुझे चुना गया था।

अमेरिका में जन्मे पहले पोप

बता दें कि, पोप लियो अमेरिका में जन्मे पहले पोप हैं। पोप लियो ने बार-बार अमेरिकी नीतियों और विदेशों में सैन्य हस्तक्षेपों पर चिंता जताई है। उन्होंने समस्याओं के कूटनीति समाधान और मानवीय पहलुओं पर विचार करने की अपील भी की है।

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