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'परमाणु हथियार' को लेकर ट्रंप का बयान, ईरान ने होर्मुज़ में जहाज़ पर किया हमला, क्या होगा शांति वार्ता का?

ईरान ने होर्मुज में जहाज पर हमला कर दिया, ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पास अगर परमाणु हथियार होता तो वो इस्तेमाल कर लेता। इस बीच, ईरान ने इजरायल को धमकी दी है। जानें ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में आगे क्या होगा?

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता

ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: शांति वार्ता के बीच ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर हमला कर दिया। यह हमला तब हुआ, जब कुछ ही घंटे पहले ईरान ने जहाज़ों को चेतावनी दी थी कि वे तेहरान की मंज़ूरी के बिना इस होर्मुज वाले रास्ते का इस्तेमाल न करें। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज़ ने कहा कि जिस जहाज़ पर हमला हुआ, वह निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन के प्रमुख ने कहा कि फ़ारस की खाड़ी में फंसे जहाज़ों को होर्मुज से बाहर निकालने की योजना तब तक रोकी रहेगी, जब तक एजेंसी उस इलाके में और निकासी सूची में शामिल जहाज़ों की सुरक्षा की गारंटी पक्की नहीं कर लेती।

ईरान-इजरायल और अमेरिका ने क्या क्या कहा?
वहीं, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है, "ईरान पहले घंटे में ही परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता था; अब वे इसे हासिल नहीं करने पर सहमत हो गए हैं।" एक जहाज़ पर हमले के बाद UN की समुद्री एजेंसी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों को निकालने की योजना रोक दी है। इस बीच, इजरायल को ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है, ईरान ने कहा है- लेबनान छोड़ो, वरना शर्मनाक हार का सामना करने के लिए तैयार रहो। 

ईरान ने ट्रंप के विचार को खारिज क्यों किया?
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने कृषि उत्पाद खरीदने के लिए ईरानी पैसे का इस्तेमाल करने के ट्रंप के विचार को खारिज कर दिया। ग़ालिबाफ़ ने हाल ही में X पर लिखा, "अमेरिका झूठा दावा करता है कि हमारी अनफ्रीज़ की गई संपत्ति से उनके कृषि उत्पाद खरीदे जाएंगे। दिलचस्प है। हम तो बस वही फसल काट रहे हैं जो आपने बोई थी: दशकों का अविश्वास।"

अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, जानें क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौता तो करना चाहता है, लेकिन "किसी भी कीमत पर" नहीं। उन्होंने यह भी दोहराया कि होर्मुज  (Strait of Hormuz) में टोल लगाना मंज़ूर नहीं है। बहरीन में रुबियो ने गुरुवार को कहा, "आप इसे टोल कहें, फ़ीस कहें या कुछ भी कहें, यह शब्दों का खेल है। यह किसी भी समझौते की मंज़ूर करने लायक शर्त कभी नहीं होगी।"

रुबियो ने कहा कि अगर ईरान जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए पैसे वसूलता है, तो दुनिया के किसी भी देश को जलमार्ग के पास ऐसा ही करने से कोई नहीं रोक पाएगा "और फिर हर तरफ़ अफ़रा-तफ़री मच जाएगी।"

हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन गुरुवार को तेल और गैस की सप्लाई के लिए अहम इस रास्ते पर कुछ उलझन की स्थिति दिखी। ब्रिटेन के एक नौसैनिक समूह ने बताया कि एक जहाज पर तब हमला हुआ, जब कई मालवाहक जहाज़ों ने जलमार्ग से गुज़रने की कोशिश के दौरान अपना रास्ता बदल लिया था।

 

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