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बिहार में पैर पसार रहा सूखा नशा, CM सम्राट चौधरी ने जताई चिंता, बोले- 'शराबबंदी के बाद लोग अल्टरनेट रास्ते खोज रहे'

बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नशे के खिलाफ "नशामुक्त बिहार अभियान 2026" का शुभारंभ किया है। उन्होंने इस दौरान बिहार में सूखे नशे को लेकर चिंता जताई और कहा है कि शराबबंदी के बाद लोग अल्टरनेट रास्ते खोज रहे हैं।

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Image Source : PTI/ANI सम्राट चौधरी ने जताई सूखे नशे पर चिंता। (सांकेतिक फोटो)

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सूखे नशे का बिहार में काफी तेजी से पैर पसारने को लेकर चिंता जताई है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि जैसे ही बिहार में शराबबंदी शुरू हुई है, दूसरी तरफ सूखा नशा राज्य में पैर फैलाने का प्रयास कर रहा है। एक कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में सूखे नशे के खिलाफ अभियान चलाना पड़ेगा। सीएम सम्राट चौधरी ने इस दौरान राज्य में जब्त किए गए सूखे नशे के आंकड़ों को भी साझा किया है।

सूखे नशे की जब्ती की मात्रा बढ़ी

दरअसल, सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नशामुक्त बिहार के संकल्प को जन-जन का अभियान बनाने हेतु "नशामुक्त बिहार अभियान 2026" का शुभारंभ किया। इस दौरान सम्राट चौधरी ने बताया- बिहार में साल 2024 में 282 KG चरस हुआ। वहीं, 2025 में ये बढ़कर 400 KG हो गया। जब्त हीरोइन 42 KG से बढ़कर 65 KG हो गया। वहीं, इस समयकाल के दौरान जब्त किए गए अफीम का आंकड़ा 10 KG से बढ़कर 77 KG हो गया। आपको बता दें कि बिहार में साल 2016 से ही शराबबंदी कानून लागू है। हालांकि, सरकार के सहयोगियों ने ही कई बार शराबबंदी को फेल बताया है और इसकी समीक्षा की मांग की है।

अभियान चलाना होगा- सम्राट चौधरी 

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि साल 2029 तक देश में 'नशा-मुक्त भारत' अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य पूरे देश को नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त करना है। साल 2016 में, बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी लागू की थी। हमारा सपना एक स्वस्थ, नशा-मुक्त और उज्ज्वल बिहार बनाने का है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद, अन्य नशीले पदार्थों ने अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। यह बात साफ है कि हमें इन नशीले पदार्थों के खिलाफ भी एक अभियान चलाना होगा। हमने विशेष रूप से आठ जिलों की पहचान की है, जहां इन नशीले पदार्थों का चलन बढ़ रहा है। इनमें कई सीमावर्ती जिले, और साथ ही पटना, वैशाली, समस्तीपुर और आरा शामिल हैं। ये वे इलाके हैं जिन्हें हमने विशेष कार्रवाई के लिए प्राथमिकता दी है।"

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