1. Hindi News
  2. बिहार
  3. RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सभी पदों से दिया इस्तीफा, लालू के करीबी थे; बोले- तेजस्वी यादव दीमकों से घिरे

RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सभी पदों से दिया इस्तीफा, लालू के करीबी थे; बोले- तेजस्वी यादव दीमकों से घिरे

बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले राजद को तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के सीनियर नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने हर मोर्चे पर राजद का साथ दिया और अपनी बातों के जरिए पार्टी का बचाव करते रहे हैं।

mrityunjay tiwari- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT मृत्युंजय तिवारी

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सीनियर नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं, जिन्होंने पार्टी को दीमक की तरह चाटकर बर्बाद कर दिया।

कौन हैं मृत्युंजय तिवारी?

बता दें कि मृत्युंजय तिवारी को तेजस्वी यादव का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता था। युवाओं को RJD से जोड़ने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है। वे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के भी बेहद करीबी थे। 2014 में लालू यादव ने उन्हें मीडिया प्रभारी और पार्टी का प्रवक्ता बनाया था।

मृत्युंजय तिवारी का राजनीति से जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा है। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने सामाजिक और जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद में वह राजद में शामिल हुए। अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व क्षमता तथा संगठनात्मक समझ के कारण पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हो गए। आज उनका इस्तीफा देना राजद के लिए बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका माना जा रहा है।

वीडियो जारी कर बताई इस्तीफे की वजह

मृत्युंजय तिवारी ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा, ''आज हमने राजद के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हमने स्पष्ट रूप से कहा कि अब मेरे जैसे समर्पित कार्यकर्ता के लिए इस पार्टी में कोई सम्मान नहीं है, बार-बार कहने के बाद भी वरिष्ठ नेताओं ने कोई संज्ञान नहीं लिया। कई बार हमने तेजस्वी यादव जी को भी कहा, अपनी शिकायत रखी लेकिन उन्होंने भी संज्ञान नहीं लिया।''

आगे उन्होंने कहा, ''मेरे जैसे समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता के लिए यहां रहने का अब कोई औचित्य नहीं बनता था क्योंकि अपमानित होकर मैं राजनीति नहीं कर सकता थ। हमने बुरे दिनों में राष्ट्रीय जनता दल का साथ दिया था, लालू जी ने हमें प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी 2014 में दी थी, हमने बखूबी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। लेकिन इस पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने पार्टी को दीमक की तरह चाटकर बर्बाद कर दिया। वैसे लोगों से यदि तेजस्वी जी घिरे हुए हैं तो फिर हम जैसे कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में रहना उचित नहीं है।''

वहीं, आपको बता दें कि बिहार में RJD सांसद के टूटने की भी चर्चा तेज हो गई है। राजद सांसद अभय कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर और खबर सामने आने के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

यह भी पढ़ें-

'केसी सिन्हा तो झांकी है, जमानत जब्त होना बाकी है', उपचुनाव से पहले पटना में प्रशांत किशोर के खिलाफ लगे पोस्टर