बिहार विधानपरिषद चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। विधानपरिषद का टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक शिवचंद्र राम ने सोमवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिवचंद्र राम जी का पार्टी पद से इस्तीफा देना बेहद दुखद और पीड़ादायक क्षण है। उन्होंने लिखा कि शिवचंद्र रामजी के योगदान का सम्मान होना चाहिए था। उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह निराशाजनक और निंदनीय है।
तेज प्रताप ने पोस्ट कर दिया साथ
तेज प्रताप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ''शिवचंद्र राम जी का पार्टी पद से इस्तीफा देना बेहद दुखद और पीड़ादायक क्षण है। वर्षों तक संगठन और समाज के लिए समर्पित होकर कार्य करने वाले शिवचंद्र राम जी ने संत रविदास जी के आदर्शों पर चलते हुए बिहार भर में समाज को जोड़ने का काम किया। मेरा मानना है कि उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए था। उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह निराशाजनक और निंदनीय है। सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों की भावना के अनुरूप सभी को सम्मान मिलना चाहिए।''
आगे उन्होंने लिखा, ''इस कठिन समय में मैं शिवचंद्र राम जी के साथ खड़ा हूं। जनशक्ति जनता दल भी उनके साथ अपनी एकजुटता और समर्थन व्यक्त करता है। उनके संघर्ष, समर्पण और सम्मान की लड़ाई में हम उनके साथ हैं।''
MLC टिकट नहीं मिलने पर फूटा गुस्सा
दरअसल, शिवचंद्र राम भी एमएलसी उम्मीदवार की रेस में थे। लेकिन पार्टी ने सुनील सिंह को फिर से उम्मीदवार बना दिया, जिसे शिवचंद्र राम ने वादाखिलाफी बताया। टिकट नहीं मिलने के बाद शिवचंद्र राम ने सोमवार को राजद के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें MLC बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अंतिम समय में वादा पूरा नहीं किया गया।
चार रात से सो नहीं पाया- शिवचंद्र राम
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवचंद्र राम भावुक हो गए और फूट-फूट कर रो पड़े। किसी तरह से उन्होंने खुद को संभाला और फिर बोले, "मैं चार रात से सो नहीं पाया। हम पार्टी के वर्कर हैं, हम पार्टी के दरबारी हैं, हम पार्टी के मजदूर हैं, हम अपने नेता के प्रति श्रद्धा से काम करते थे। हमने देखा कि हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। 3 दिन से मेरे समाज के लोग, मेरे समर्थक, पूरे बिहार से पटना के होटल में बैठे हैं। हमारे लोग जिस तरह से आहत हुए हैं, बिहार के करोड़ों गरीब, भीमराव अंबेडकर, संत रविदास, वीर चौहरमल, बाबा बिरसा मुंडा और तमाम बहुजन समाज में जन्मे लोगों की भावना आहत हुई है।"
कौन हैं शिवचंद्र राम?
बता दें कि शिवचंद्र राम राजद के वरिष्ठ नेता रहे हैं। वे बिहार सरकार में कला, संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह आरजेडी के वरिष्ठ दलित नेता (रविदास समाज) के तौर पर जाने जाते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में शिवचंद्र राम ने चिराग पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पार्टी संगठन में उन्हें दलित नेतृत्व के मजबूत चेहरों में गिना जाता था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवचंद्र राम के इस्तीफे का मामला पार्टी संगठन और आने वाले चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।
यह भी पढ़ें-
RJD के MLC उम्मीदवार पर रोहिणी आचार्य का बड़ा हमला, टिकट बंटवारे पर उठाए सवाल
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे अब 'दीपक प्रकाश' नहीं रहेंगे मंत्री, शपथ के 6 महीने बाद ही छोड़ना होगा मंत्री पद, जानिए वजह