दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में भीषण अग्निकांड के बाद मालवीय नगर में चलने वाले दर्जनों होटलों में अचानक ताले लग गए हैं। इन होटलों को खाली करा लिया गया है। प्रशासन ने ऐसे एक दर्जन से ज्यादा होटलों की पहचान की है जो नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे थे। इंडिया टीवी ने ऐसे ही होटलों का रियलिटी चेक किया। इंडिया टीवी की ग्राउंड पड़ताल में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने और डराने वाले हैं। यहां सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर देश-विदेश से आने वाले मेहमानों की जिंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
होटल मालिकों ने खुद ही लगा दिया ताला
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद आसपास के होटल मालिकों ने खुद ही ताला लगा दिया है। घटना के बाद भी बुधवार दोपहर तक इन होटलों में लोग रुके हुए थे लेकिन होटल मालिकों ने सभी से होटल खाली करवा लिया और फिर सभी लाइट्स बंद करके होटलों में ताला लगा दिया गया है। इन होटलों की हालत वैसी ही है जिस हालात में अग्निकांड हुआ है। होटलों में आने-जाने का मात्र एक ही रास्ता है वो भी तीन फीट का। आग लगने पर यहां भी बड़ी घटना घटित हो सकती है। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए होटल का संचालन किया जा रहा है।
अग्निकांड के बाद LG ने क्या एक्शन लिया?
बता दें कि मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की मौत के कुछ ही घंटों बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए महीने भर के अभियान का आदेश दिया था। यह बड़े पैमाने पर चलाया जाने वाला अभियान 4 जून यानी आज से शुरू होगा। इसके तहत होटल, लॉज, सराय, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
क्षमता से अधिक कमरे चलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
- प्रशासन ने फैसला किया है कि जो होटल स्वीकृत सीमा से अधिक कमरे संचालित कर रहे हैं, उन्हें तुरंत बंद कर दिया जाएगा।
- अधिकारियों को पर्यटन और भवन लाइसेंस से जुड़ी शर्तों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- दिल्ली पुलिस, एमसीडी और पर्यटन विभाग होटल एसोसिएशनों के साथ क्षेत्रवार बैठकें करेंगे, ताकि उन्हें अनिवार्य सुरक्षा नियमों और लाइसेंस की शर्तों से अवगत कराया जा सके।
- 4 जून से सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 15 दिनों के भीतर अपने अग्निशमन उपकरण, पानी के टैंक और जल आपूर्ति प्रणालियों की जांच और रखरखाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
- सरकारी अधिकारी भी इन परिसरों की तैयारी और नियमों के पालन की पुष्टि के लिए समानांतर ऑडिट करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया जाएगा।
होटल निर्माण में सामने आई बड़ी लापरवाही
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में जिस होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई है उस होटल के पास 6 कमरे बेड और ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत चलाने की परमिशन थी। लेकिन होटल मालिक ने 25 कमरे बना रखे थे। होटल के पास फायर डिपार्टमेंट का NOC नहीं था यानी फायर सेफ्टी को लेकर होटल मैनेजमेंट की तरफ से बड़ी लापरवाही हुई है।
होटल को सिर्फ 6 कमरे बनाने की इजाजत मिली थी लेकिन होटल मालिक ने 25 कमरे बना लिए। होटल के बेसमेंट में भी अवैध तरीके से कमरे बनाए गए थे।
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