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Hindi News दिल्ली 27 साल में गायब की 5000 से ज्यादा कारें, दिल्ली पुलिस ने दबोचा देश का सबसे बड़ा कार चोर

27 साल में गायब की 5000 से ज्यादा कारें, दिल्ली पुलिस ने दबोचा देश का सबसे बड़ा कार चोर

आरोपी अनिल चौहान 27 साल से अपराध की दुनिया में है और कार चोरी के अलावा उस पर हत्या, आर्म्स एक्ट और तस्करी के 180 मामलों को लेकर केस दर्ज है। हैरानी की बात ये है कि आरोपी अनिल चौहान असम सरकार में क्लास-1 कॉन्ट्रैक्टर भी है।

कार चोर अनिल चौहान- India TV Hindi Image Source : INDIA TV कार चोर अनिल चौहान

Highlights

  • 27 साल से अपराध की दुनिया में है कार चोर अनिल चौहान
  • अनिल के पास से 6 देसी तमंचे और 7 जिंदा कारतूस बरामद
  • कार चोरी के धंधे से अनिल चौहान ने कमाई बेहिसाब दौलत

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने देश के सबसे बड़ा कार चोर अनिल चौहान को पकड़ा है। अनिल के सिर करीब 5000 से ज्यादा कारें चुराने का आरोप है। उसे दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने असम से गिरफ्तार किया है। डीसीपी श्वेता चौहान के मुताबिक, आरोपी अनिल चौहान 27 साल से अपराध की दुनिया में है और कार चोरी के अलावा उस पर हत्या, आर्म्स एक्ट और तस्करी के 180 मामलों को लेकर केस दर्ज है। हैरानी की बात ये है कि आरोपी अनिल चौहान असम सरकार में क्लास-1 कॉन्ट्रैक्टर भी है।

6 देसी तमंचे और 7 जिंदा कारतूस बरामद
डीसीपी श्वेता चौहान के मुताबिक आरोपी अनिल चौहान के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने भी शिकंजा कसा था। ED ने अनिल चौहान के खिलाफ PMLA के तहत रेड कर उसकी प्रॉपर्टी भी जब्त की थी। अनिल चौहान की गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 6 देसी तमंचे और 7 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।

कार चोरी के धंधे से कमाई बेहिसाब दौलत
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अनिल चौहान के पिता आर्मी में लेटफ्टिनेंट देशराज चौहान थे। अनिल ने फिलहाल असम के तेजपुर में अपना ठिकाना बनाया हुआ था। उसने 90 के दशक में कार चोरी शुरू की थी, सबसे ज्यादा (मारुति 800) कारें अनिल ने ही चोरी की थी। अनिल चौहान कारें चोरी कर जम्मू-कश्मीर, नेपाल और उत्तर पूर्व के राज्यों में बेचा करता था वो भी फर्जी दस्तावेज के आधार पर। इससे पहले अनिल चौहान को दिल्ली पुलिस के अलावा उत्तर पूर्वी राज्यों की पुलिस अलग-अलग मामलों में पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। अनिल चौहान ने कार चोरी के धंधे से बेहिसाब दौलत कमाई है। उसकी संपत्तियां दिल्ली, मुंबई और उत्तर पूर्वी राज्यों में है। उसके खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।

हथियारों, गैंडे के सींगो की तस्करी कर रहा था अनिल
डीसीपी श्वेता चौहान के मुताबिक, 1990 में वो दिल्ली के खानपुर इलाके में रहता था और ऑटो रिक्शा चलाता था, फिर वो अपराध की दुनिया मे आया तो कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हाल के दिनों में अनिल चौहान हथियारों की तस्करी, गैंडे के सींगो की तस्करी कर रहा था। अनिल चौहान के साथ असम में उसकी पत्नी और 7 बच्चे भी रह रहे थे। साल 2015 में अनिल चौहान को एक तत्कालीन विधायक के साथ असम पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था।