नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 16 में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग गिर गई। इस हादसे में एक शख्स की मौत की खबर है जबकि तीन से चार लोग मलबे में दबे हुए हैं। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग का मालिक भी मलबे में दबा हुआ है। इन लोगों को निकालने के लिए बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है। फायर ब्रिगेड ने बताया कि हादसे की सूचना शाम 4. 20 बजे मिली। तुरंत दमकल की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया।
वहीं बिल्डिंग गिरते ही स्थानीय लोग भी भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया। बता दें कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
शुरुआत में हताहत होने वालों की संख्या का पता नहीं चल पाया था। स्थानीय लोगों का कहना था कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त कुछ लोग इस बिल्डिंग में थे। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। बिल्डिंग के मालिक का नाम राहुल दुआ है और वह मलबे में दब गया है। उसे निकालने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में हुए हादसे
- 17 अप्रैल, 2026 को मध्य दिल्ली के करोल बाग (देव नगर) इलाके में एक बहुत पुरानी और जर्जर तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में 3 लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई और 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। जांच में सामने आया कि लगातार हो रही रिसाव (सीपेज) के कारण इमारत की नींव बेहद कमजोर हो चुकी थी।
- 23 मार्च, 2024 को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कबीर नगर इलाके में एक दो मंजिला पुरानी इमारत की छत और हिस्सा गिर गया। इस इमारत में जींस की मैन्युफैक्चरिंग (कपड़ा फैक्ट्री) का काम होता था। इस हादसे में वहां काम कर रहे 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
- सितंबर 2021 में उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में एक तीन मंजिला पुरानी इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत 3 लोगों की जान चली गई थी। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे उसका ढांचा कमजोर हो गया था।
- सितंबर 2018 में उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार (सावन पार्क) इलाके में एक 20 साल पुरानी जर्जर तीन मंजिला इमारत ढहने से 4 बच्चों और एक महिला समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। एमसीडी ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित किया हुआ था, लेकिन फिर भी लोग इसमें रह रहे थे।
- जून 2014 में उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में एक चार मंजिला पुरानी इमारत अचानक गिर गई। इस हादसे में 4 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे की वजह बगल के प्लॉट में बिना सुरक्षा मानकों के की जा रही अवैध बेसमेंट की खुदाई को माना गया था।
- नवंबर 2010 में पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित ललिता पार्क इलाके में एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई थी। यह दिल्ली के इतिहास के सबसे भयानक हादसों में से एक था। इस हादसे में 67 लोगों की मौत हुई थी और 130 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
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