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Hindi News दिल्ली दिल्ली के इन इलाकों में 15 घंटे नहीं मिलेगा पानी, देखें कहीं आपका मोहल्ला भी तो नहीं है इस लिस्ट में शामिल

दिल्ली के इन इलाकों में 15 घंटे नहीं मिलेगा पानी, देखें कहीं आपका मोहल्ला भी तो नहीं है इस लिस्ट में शामिल

इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड ने यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उसने अपनी याचिका में हरियाणा की ओर से दिल्ली आनेवाले पानी का हवाला दिया है।

Water supply to remain affected in parts of Delhi for 15 hours on Friday and Saturday- India TV Hindi Image Source : PTI इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड ने यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के कुछ इलाकों में रहने वाले लोगों को दिल्ली जल बोर्ड पानी की आपूर्ति शुक्रवार शाम और शनिवार की सुबह नहीं करा पाएगा। जल बोर्ड के आधिकारिक बयान के मुताबिक, जीके नॉर्थ में फ्लोमीटर बैठाए जाने के चलते पानी की आपूर्ति रोकनी होगी। आधिकारिक बयान में कहा गया है, "कुछ काम होने के चलते 15/1/2021 और 16/1/2021 की सुबह में सोनिया विहार डब्ल्यूटीपी से की जाने वाली जलापूर्ति साउथ दिल्ली के कुछ सामान्य क्षेत्रों में नहीं हो पाएगी। रुकावट की यह अवधि 15 घंटे तक होगी।"

पानी की आपूर्ति में रुकावट की स्थिति साउथ दिल्ली के कैलाश नगर, सराय काले खां, जल विहार, लाजपत नगर, मूलचंद हॉस्पिटल, ग्रेटर कैलाश, वसंत कुंज, देवली, अंबेडकर नगर, ओखला, दक्षिण पुरी, पंचशील पार्क, शाहपुर जट, कोटला मुबारकपुर, सरिता विहार, सिद्धार्थ नगर, अपोलो, जीके नॉर्थ मालवीय नगर, डियर पार्क, गीतांजलि, श्रीनिवासपुरी, जीके साउथ, छतरपुर, एनडीएमसी सहित इसके आसपास के इलाकों में भी बनी रहेगी।

वहीं, इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड ने यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उसने अपनी याचिका में हरियाणा की ओर से दिल्ली आनेवाले पानी का हवाला दिया है। जल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ने से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता पर असर पड़ा है जिसके चलते दिल्ली में पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

दिल्ली जल बोर्ड की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि अमोनिया का स्तर बढ़ने से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की जल शोधन क्षमता घटकर 50 फीसद हो गई है। पानी में अमोनिया का स्तर 0.5 से 0.75 पीपीएम के बीच होना चाहिए, लेकिन अब ये बढ़कर 10 पीपीएम तक हो गया है। दिल्ली जल बोर्ड ने हरियाणा सरकार, अधिकारियों और इंजीनियरों से समस्या का हल निकालने के लिए कई बार अपील की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

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