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चीन ने पूर्वी लद्दाख में LAC से वापस बुलाये अपने 10 हजार सैनिक, जानें वजह

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 11, 2021 09:46 pm IST,  Updated : Jan 12, 2021 07:57 am IST

चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटे अंदरूनी इलाकों से अपने 10 हजार सैनिकों को वापस बुला लिया है। भारतीय सीमा के पास 200 किलोमीटर के दायरे से चीनी सैनिक हट गए हैं।

China moves back around 10,000 troops from depth areas near LAC in Eastern Ladakh - चीन ने पूर्वी लद- India TV Hindi
चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी से सटे अंदरूनी इलाकों से अपने 10 हजार सैनिकों को वापस बुला लिया है। Image Source : PTI

नई दिल्ली: चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटे अंदरूनी इलाकों से अपने 10 हजार सैनिकों को वापस बुला लिया है। भारतीय सीमा के पास 200 किलोमीटर के दायरे से चीनी सैनिक हट गए हैं। बताया जा रहा है कि लद्दाख में शून्य से नीचे गिरते तापमान के चलते चीन ने ये कदम उठाए हैं। बेहद ठंड और कठिन हालात की वजह से चीनी सैनिक भारतीय सीमा से हटे हैं।

सूत्रों ने सोमवार बताया कि चीन ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में दूसरी तरफ अपने पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों से लगभग 10 हजार सैनिकों को वापस बुलाया है। हालांकि एलएसी पर फ्रंट लाइन इलाकों में कई मोर्चों पर भारत और चीन दोनों देशों के जवान आमने सामने तैनात हैं। लद्दाख में भारतीय सीमा के पास पारंपरिक तौर पर जहां चीनी सैनिक ट्रेनिंग करते थे, वो जगह फिलहाल खाली नजर आ रही है।

भारत ने पीएलए के सैनिक को चीन को सौंपा

इस बीच भारत ने तीन दिन पहले एलएसी पर पकड़े गए चीनी सैनिक को लौटा दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चीन की पीएलए के सैनिक को शुक्रवार सुबह पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो के दक्षिणी किनारे वाले क्षेत्र में पकड़ा गया था। चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय हिस्से में आ गया था। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में पूर्वाह्न 10 बजकर 10 मिनट पर चुशूल-मोल्दो सीमा स्थल पर सैनिक को चीन को सौंप दिया गया। 

बता दें कि बीते तीन महीने में भारत द्वारा चीन के सैनिक को पकड़कर छोड़ने का यह दूसरा वाकया है। पिछले साल 19 अक्टूबर में पीएलए का कॉरपोरल वांग या लोंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भटक गया था, जिसे भारतीय सैनिकों ने पकड़ लिया था। कॉरपोरल को प्रोटोकॉल के अनुसार चुशुल-मोल्दो सीमा स्थल पर चीन को सौंप दिया गया था। एलएसी पर पैंगोंग झील के आसपास के इलाके में बीते कुछ महीने से तनाव बना हुआ है।

सीमा तनाव को कम करने में भारत ने सद्भावना दिखाई
वहीं एक रक्षा विशेषज्ञ ने सोमवार को कहा कि कब्जे में आए चीनी सैनिक को वापस सौंपकर भारत ने सीमा तनाव को कम करने में सद्भावना दिखाई है। शिंघुआ विश्वविद्यालय में चीन के नेशनल स्ट्रेटजी इंस्टीट्यूट के शोध विभाग के निदेशक कियान फेंग ने सरकारी ग्लोबल टाइम्स को बताया, “लापता चीनी सैनिक की वापसी दोनों देशों के बीच सीमा नियमन तंत्र पर बनी सहमति के अनुरूप हुई है।” चीनी सैनिक की वापसी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “चार दिनों के अंदर चीनी सैनिक को वापस कर भारत ने सीमा पर तनाव कम करने की सद्भावना दिखाई है।” 

चीनी सेना ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर की गई संक्षिप्त टिप्पणी में सोमवार को सैनिक की वापसी की बात कही है। बयान में कहा गया, “चीन और भारत के बीच हुए समझौते के तहत, अंधेरे और जटिल पहाड़ी भू-भाग की वजह से खो गए एक चीनी सीमा सैनिक को भारतीय पक्ष ने 11 जनवरी 2021 की दोपहर को चीनी सीमा सैनिकों को सौंप दिया।” गौरतलब है कि भारत और चीन की सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में आठ महीनों से भी ज्यादा समय से गतिरोध बना हुआ है। यह गतिरोध पिछले साल मई में शुरू हुआ था जब पैंगोंग झील इलाके में दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई थी।

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