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बाथरूम में गाए लता के इस गाने को मधुबाला के अंदाज ने बना दिया अमर, जानिए कैसे?

लता मंगेशकर ने यूं तो अपनी आवाज का जादू कई गानों में दिखाया है। उनकी खूबसूरत आवाज मे गाए हुए गानें आज भी श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन 1960 में आई फिल्म...

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नई दिल्ली: बॉलीवुड की सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर ने यूं तो अपनी आवाज का जादू कई गानों में दिखाया है। उनकी खूबसूरत आवाज मे गाए हुए गानें आज भी श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन 1960 में आई फिल्म 'मुगल-ए-आजाम' का गाना 'जब प्यार किया तो डरना क्या' बेहद खास है। यह एक ऐसा गीत है जिसमें लता की गूंजती हुई आवाज का जादू ऐसा छाया की यह गीत सदाबहार हो गया। कहा जाता है कि संगीतकार नौशाद इस गीत में संगीत की धुन पर गूंजती हुई आवाज का जादू जगाना चाहते थे इसलिए उस वक्‍त यह गीत लता से स्‍टूडियो में बनें बाथरुम के अंदर गवाया गया था ताकि साउंड इफेक्‍ट बेहतरीन हो।

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यह दिग्गज गायिका की जिंदगी के बेहतरीन नग्मों में से एक है। साथ ही यह गाना अपने आप में बेहद खास है और इसे खास बनाने के लिए इस बार काफी मेहनत भी की गई है। इस गाने को शकील बदायुनी ने लिखा था, नौशाद ने इसे संगीत दिया था और लता मंगेशकर ने इसे अपनी जादुई आवाज से सजाया था। उस वक्‍त आज की तरह के स्‍टूडियो नहीं थे और आज की तरह कंप्यूटर की मदद से बदलाव भी नहीं लाया जा सकता था इसलिए इस गीत में गूंजती हुई आवाज की खनक लाने के लिए लता मंगेशकर से यह गीत स्‍टूडियों के बाथरूम के अंदर गवाया गया था।

गीतकार शकील ने 105 बार लिखा था इस गीत को तब जाकर नौशाद को पसंद आया

इस गाने को तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। शकील बदायुनी ने इस गाने को 105 बार लिखा था। इसके बाद ही इसके बोल नौशाद साहब की पसंद बन पाए थे।  इस गाने को खास बनाने के पीछे एक और दिलचस्प बात यह कही जाती है कि लता मंगेशकर ने इसे बाथरूम में गाया था। दरअसल इस गाने में गूजतू हुई आवाज चाहिए थी और बाथरूम एक ऐसी जगह थी जगह थी जहां इस गाने में सटीक बैठती हुई आवाज मिली।

गीत के लिए बनाया गया था लाखों रुपयों का शीशमहल

इस गाने को प्रसिद्ध शीशमहल में शूट किया गया था। ऐसा भी कहा जाता है कि इस गाने को बनाने में करीब एक करोड़ रुपए के आसपास खर्च आया था। जबकि उस वक्‍त एक गीत के लिए गायकों को 300 से 400 रुपए दिए जाते थे। हालांकि इस फिल्‍म के दो गीत यह गाना मधुबाला और दिलीप कुमार पर फिल्माया गया था।

दरबारी और दुर्गा राग के आधार पर बना था ‘प्‍यार किया तो डरना क्‍या’ का संगीत नौशाद ने  प्‍यार किया तो डरना क्‍या गीत के बोल पर जो संगीत दिया उसमें दरबारी और दुर्गा राग का प्रयोग किया गया। सबसे रोचक बात इस गीत के बारे में यह बताई जाती है कि यह गीत उत्‍तर भारत के पूर्वाचल में गाए जाने वाले गीत।

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