नई दिल्ली: बॉलीवुड की पाश्र्व गायिका मुबारक बेगम का सोमवार देर रात निधन हो गया है। इस पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, स्वर सामाज्ञी लता मंगेशकर और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को बॉलीवुड की मशहूर पाश्र्वगायिका और गजल गायिका मुबारक बेगम शेख के निधन पर शोक व्यक्त किया। वह 80 वर्ष की थीं। मुबारक बेगम के परिवार के सदस्य ने बताया कि राजस्थान के सुजानगढ़ में जन्मी मुबारक बेगम का लंबी बीमारी के चलते सोमवार रात मुंबई में उनके निवास पर निधन हो गया। वसुंधरा राजे ने ट्विटर पर लिखा, "महान पाश्र्व गायिक मुबारक बेगम जी के निधन की दुखद खबर सुनी। उनकी आत्मा को शांति मिले, उनके परिवार के प्रति संवेदना।"
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स्वर सामाज्ञी लता मंगेशकर ने लिखा, "बहुत दुख की बात है कि हमारे समय की गायिका मुबारक बेगम जी हमारे बीच नहीं रहीं। मैं उनको श्रद्धांजलि अर्पण करती हूं।" लता ने उनके साथ 1955 में फिल्म 'बरादरी' में युगल गीत गाया था। इसके अलावा उन्होंने मुबारक बेगम के साथ 'दिल हमसे वाह लगाए जो हस के तीर खाए' गा चुकी हैं। माना जाता है कि पिछले साल लता मंगेशकर ने मुबारक बेगम के चिकित्सा उपचार और खर्च के लिए आर्थिक मदद दी थी।
अशोक गहलोत ने लिखा, "राजस्थान की मुबारक बेगम, महान पाश्र्वगायिका का निधन बड़ा नुकसान है। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।" जयपुर के पूर्व शाही परिवार की राजकुमारी दिया कुमारी ने कहा, "महान पाश्र्वगायिका के निधन की दुखद खबर सुनी। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।"
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भी मुबारक बेगम के निधन पर शोक जताया। अभिनेत्री सेलिना जेटली ने कहा, "अपने खूबसूरत गीतों की विरासत छोड़कर एक दिग्गज गायिका हमसे दूर चली गईं।" मुबारक बेगम अपने बेटे हुसैन, बहू जरीना और पोती सना के साथ रहती थीं।
मुबारक बेगम ने 70 साल पहले मुंबई का रुख किया और 1949 की फिल्म 'आईए' के लिए अपना पहला गीत गया। हिंदी और उर्दू में निपुण गायिका ने 1980 के दशक तक अपने चार दशकों से अधिक समय में 110 से अधिक फिल्मों के लिए गीत गाए। उनका गाया गीत 'कभी तन्हाईयों में हमारी याद आएगी', आज भी पहले की तरह गुनगुनाया जाता है। पाश्र्वगायन के अलावा, वह नियमित रूप से मंच प्रस्तुति और संगीत समारोहों में भी भाग लेती थीं।