‘किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार, किसी का ग़म मिल सके तो ले उधार’, ‘आवारा हूं, आवारा हूं या गर्दिश में हूं आसमान का तारा हूं’ या फिर ‘दिल का हाल सुने दिलवाला सीधी सी बात न मिर्च मसाला’ जैसे अनेक गीतों की रचना करने वाले कविराज शैलेंद्र की आज जयंती है
Shail
उनको गुज़रे 50 साल से ज़्यादा हो चुके हैं पर उनके गानों के बोल लोगों की ज़ुबान से उतरने का नाम ही नहीं लेता। शैलेंद्र तो चले गए लेकिन भारतीय फ़िल्मों को दे गए 800 गीत, जो हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे।