फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ-1073 के साथ जो हुआ वो एविएशन के इतिहास में एक नया और बहुत ही डरावना मोड़ है। अब तक दुनिया हाईजैक को बाहर से आने वाला खतरा मानती थी लेकिन अब खतरा कॉकपिट के अंदर ही बैठा है। 174 यात्रियों के साथ उड़ रहा विमान जिसमें 166 इजरायली नागरिक और 27 बच्चे शामिल थे, वो मारे जाते अगर कॉकपिट के अंदर एक भारतीय मूल का पायलट स्मित मच्छार नहीं होता, जिन्होंने साहस और समझदारी का परिचय दिया।
कैप्टन स्मित मच्छार को मिलेगा 'विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड'
गुजरात सरकार Flydubai के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड’ से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इससे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ''गुजरात और पूरे देश को बहुत गर्व है। आसमान में कैप्टन स्मित मच्छार ने जो अदम्य साहस और वीरता दिखाई, वह सचमुच कल्पना से परे है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया, एक बड़ी त्रासदी को टाला और 174 यात्रियों की जान बचाई।''
'कैप्टन स्मित मच्छार की रगों में गुजराती खून'
उन्होंने आगे लिखा है, ''वे एक गौरवान्वित भारतीय हैं और उनकी रगों में गुजराती खून दौड़ता है, जो हमारी दृढ़ता और साहस का सच्चा प्रतीक है। गुजराती मूल के इस बहादुर सपूत ने वैश्विक मंच पर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। मैं उनकी असाधारण वीरता को सलाम करता हूं और उनके जल्द और पूरी तरह से ठीक होने की कामना करता हूं।''
अमरेली के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित
स्मित का परिवार मूलतः गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला का निवासी है, पर उनके पिता स्मित के जन्म से पहले ही मुंबई घाटकोपर में शिफ्ट हो गए थे। स्मित का जन्म भी मुंबई में ही हुआ और वो वहीं पर पले बढ़े हैं। मुंबई में कैप्टन स्मित के पुराने पड़ोसी ने उनकी व्यक्तिगत खूबियों को याद करते हुए भावुक कर देने वाले बयान दिए हैं। पड़ोसी डॉक्टर जनित शाह ने बताया कि दुबई जाने से पहले स्मित मच्छार करीब 10 से 15 साल तक उनके पड़ोसी रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। कॉकपिट में सह-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। विमान ने हजारों फीट की ऊंचाई खोई, लेकिन सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कर ली। सभी 174 लोग सुरक्षित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई वैश्विक नेताओं ने उन्हें ‘हीरो’ बताया। मुंबई के घाटकोपर निवासी मच्छार की बहादुरी ने 9/11 जैसी संभावित त्रासदी को टाल दिया। वे वर्तमान में अस्पताल में स्थिर हैं। उनकी इस अदम्य हिम्मत ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।
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