लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर, 2026 को गुजरात के एकतानगर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष ‘नक्सल मुक्त भारत’ की थीम के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। भव्य ‘एकता परेड’, ‘एकता प्रकाश पर्व’ और ‘भारत पर्व’ सहित विभिन्न कार्यक्रम देशभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित करेंगे।
भव्य एकता परेड, ‘एकता प्रकाश पर्व’ और भारत पर्व का आयोजन
राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन में देश की आंतरिक सुरक्षा और अखंड भारत के निर्माण में अर्धसैनिक बलों एवं पुलिस बलों के अमूल्य योगदान को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित होने वाली एकता परेड में विभिन्न सुरक्षा बलों की टुकड़ियां, पुलिस बैंड, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक कलाकार देश की एकता एवं सुरक्षा के प्रतीक के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही शाम के समय विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
पर्यटकों को राष्ट्रीय एकता के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास
इस वर्ष के आयोजन का विशेष आकर्षण ‘एकता प्रकाश पर्व’ होगा, जो ‘यूनिटी’ अर्थात एकता की थीम पर लगातार 3 महीने तक आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से एकतानगर आने वाले पर्यटकों को राष्ट्रीय एकता के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, ‘भारत पर्व’ के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं, कला और विकास की गाथा पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और अधिक मजबूत बनाएगी।
विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाने और पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण तथा नई परियोजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों द्वारा किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्राधिकरण द्वारा आयोजन में शामिल होने वाले पर्यटकों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं, बेहतर सुविधाएं और यादगार अनुभव सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, आपको बता दें कि दो दिवसीय दौरे के दौरान आज पीएम मोदी ने गुजरात को करीब ₹14,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य पर फोकस
इस वर्ष ‘नक्सल मुक्त भारत’ की थीम के माध्यम से देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में सुरक्षा बलों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। सुरक्षा बलों के प्रति आदर, विश्वास और एकजुटता की भावना व्यक्त करने के लिए विभिन्न स्थानों पर सेल्फी बूथ और शपथ लेने की व्यवस्था भी की जाएगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा देश की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले जवानों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है।
सरदार वल्लभभाई पटेल ने देशी रियासतों के एकीकरण के माध्यम से अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनकी इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए एकतानगर में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक समन्वय और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा बनेगा।
यह भी पढ़ें-
जूनागढ़ का पाकिस्तान में विलय करना चाहता था नवाब, फिर सरदार पटेल ने उसे कैसे सिखाया सबक? कुत्तों संग था भागा