मौत को मात देकर फिर मुस्कुराई पंचकूला की नन्ही परी, चाचा से वीडियो कॉल पर की बात; परिजन बोले- हमारी बच्ची शेरनी है
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही पंचकूला की मासूम के चेहरे पर आखिरकार फिर से मुस्कान लौट आई है। जिस बच्ची के लिए पिछले कई दिनों से देश-विदेश में लोग सलामती के लिए लगातार प्रार्थनाएं कर रहे थे, उसकी मुस्कुराती हुई तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद हर किसी की आंखों में खुशी और राहत के आंसू हैं।

जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद पंचकूला की मासूम बच्ची को एक बार फिर अपनी मां की गोद में मुस्कुराते देखना किसी चमत्कार से कम नहीं है। चंडीगढ़ पीजीआई से सामने आए नए वीडियो में बच्ची अपनी मां की गोद में बैठी पहले से काफी बेहतर नजर आ रही है। उसके चेहरे पर लौटी मुस्कान ने उन तमाम लोगों को बड़ी राहत दी है, जो पिछले कई दिनों से उसकी सलामती की दुआ कर रहे थे। सबसे भावुक कर देने वाली बात यह है कि बच्ची ने अपने चाचा फाजिल से वीडियो कॉल पर बातचीत भी की। चाचा को देखते और उनकी बातें सुनते हुए बच्ची मुस्कुराती रही। बच्ची के चाचा फाजिल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अब उसकी हालत में काफी सुधार है और वह पहले से बहुत बेहतर है।
चाचा ने बच्ची को बताया शेरनी, कहा - यह उसका दूसरा जन्म है
फाजिल ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बच्ची को मानो दोबारा जिंदगी मिली है। वह एक शेरनी है... जिस तरह उसने मौत से लड़कर जिंदगी की जंग जीती है, वह अपने आप में किसी करिश्मे से कम नहीं है। आज उसे फिर से मुस्कुराते और परिजनों से बातचीत करते देखना परिवार के लिए सबसे बड़ी खुशी है।
पीजीआई के डायरेक्टर और डॉक्टरों की टीम भी बच्ची का हालचाल जान रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
होश में आते ही मां को बताई पत्थर से मारने की बात
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बात ऐसी भी है, जिसने परिवार के दिल को अंदर तक झकझोर दिया। चाचा फाजिल के मुताबिक, होश में आने के बाद बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उसे पत्थर से मारा गया था। हालांकि, बच्ची की नाजुक मानसिक स्थिति और उसके मन पर पड़े गहरे प्रभाव को देखते हुए परिजनों ने फिलहाल उसे उस घटना को भूलने और किसी तरह का मानसिक तनाव न लेने के लिए समझाया है।
परिवार उसे यही कह रहा है कि वह बीमार है और इसी वजह से अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। परिजन चाहते हैं कि बच्ची के चेहरे की यह मुस्कान हमेशा बनी रहे और वह जल्द से जल्द इस भयावह घटना की यादों से बाहर निकल सके।
KG की बच्ची को लातों से मारा, सिर और चेहरे पर पत्थर और गमले से हमला
बता दें कि 28 अक्टूबर को पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित एक स्कूल में केजी कक्षा की मासूम छात्रा पर उसी स्कूल में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के एक छात्र ने बेरहमी से हमला कर दिया था। इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। वीडियो इतना विचलित करने वाला था कि उसे देखने वाले हर माता-पिता की आंखों के सामने अपना बच्चा आ जाता था।
देशभर की दुआएं हुईं कबूल, विदेशों में भी सलामती के लिए प्रार्थनाएं
पीजीआई में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही बच्ची के लिए केवल पंचकूला या हरियाणा ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से भी दुआएं मांगी जा रही थीं। अमेरिका, अरब देशों सहित कई देशों से लोगों ने परिवार से संपर्क कर बच्ची का हालचाल जाना और उसकी सलामती के लिए प्रार्थनाएं कीं। अब बच्ची के चेहरे पर लौटी मुस्कान उन सभी दुआओं के कबूल होने जैसी है।
जल्द होगी घर वापसी, भव्य स्वागत की तैयारी
परिजनों को उम्मीद है कि बच्ची की हालत में इसी तरह सुधार जारी रहा तो जल्द ही उसे पीजीआई से छुट्टी मिल सकती है। परिवार ने उसकी घर वापसी पर भव्य स्वागत करने की तैयारी भी की है। जिस घर में पिछले कई दिनों से चिंता, बेचैनी और खामोशी पसरी हुई थी, वहां अब फिर से खुशियां लौटने की उम्मीद जगी है। परिवार के लिए अब सबसे बड़ी प्राथमिकता बच्ची का पूरी तरह स्वस्थ होना और उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनाए रखना है।
लापरवाही पर कार्रवाई जारी, शिक्षा विभाग की जांच भी अंतिम चरण में
उधर, इस मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जेजे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। हमला करने वाले 8 वर्षीय छात्र पर JJ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। कम उम्र के चलते हमलावर छात्र को अंबाला स्थित ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है, जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग और हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से गठित कमेटी भी मामले की जांच कर रही है।
दो JBT शिक्षिकाएं तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक स्कूल के प्रिंसिपल और दो जेबीटी शिक्षिकाओं को सस्पेंड किया जा चुका है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक, उच्च अधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे देश की निगाहें पीजीआई में उपचाराधीन उस नन्ही परी पर टिकी हैं, जिसने अपने हौसले से जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ी है। उसकी एक छोटी-सी मुस्कान ने हजारों लोगों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। अब हर किसी की बस एक ही दुआ है कि यह नन्ही जान पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौटे और फिर से अपनी मासूम शरारतों से घर-आंगन को गुलजार कर दे।
(रिपोर्ट- उमंग श्योराण)
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