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पेट दर्द और भारीपन हो सकते हैं नाभि डिगने के लक्षण, खराब पॉश्चर से बढ़ सकती है परेशानी, जानिए ठीक करने के उपाय

बॉडी का बैलेंस बनाना मुश्किल होता जा रहा है। खराब लाइफस्टाइल की वजह से 85% पुरुष, 65% महिलाओं को कमर दर्द, गर्दन,पीठ, पेट की मसल्स दर्द हो रही है। जिसकी वजह से नाभि डिगना, रीढ़ जाम, घुटनों में सूजन-अकड़न की समस्या होने लगती है। स्वामी रामदेव से जानिए इसे कैसे ठीक करें?

नाभि खिसकने के लक्षण- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK नाभि खिसकने के लक्षण

सही बॉडी स्ट्रक्चर, कोर स्ट्रेंथ और स्पाइन अलाइनमेंट अगर सीधे हैं तो ये पूरी बॉडी की फिटनेस को दिखाता है। जब पेट की मसल्स मजबूत हों, रीढ़ सीधी हो तो शरीर आसानी से बैलेंस बना सकता है। लेकिन जब यही बैलेंस बिगड़ जाए तो लोग कहते हैं 'नाभि सरक गई','स्पाइन जाम हो गई' या 'जोड़ों में सर्दी चढ़ गई'।ठंड में तो ये तीनों सबसे ज्यादा बढ़ने वाली परेशानी हैं। साइंटिफिक स्टडीज के मुताबिक 'नाभि डिगना' पेट की मसल्स की कमजोरी, अचानक झटका लगना या भारी सामान गलत तरीके से उठाने की वजह से होता है। सर्दियों में तो मसल्स और भी जकड़ जाते हैं इसलिए केस ज्यादा दिखते हैं।

नतीजा पेट दर्द, भारीपन, गैस, कब्ज, पीठ तक खिंचाव, बार-बार डाइजेशन खराब तमाम परेशानियां शुरु हो जाती हैं। इतना ही नहीं लंबे समय तक गलत पोस्चर से ब्लड फ्लो कम हो जाता है। नतीजा स्पाइन स्टिफनेस, डिस्क प्रेशर और दर्द होता है।  आपको बता दें देश में 66% पुरुष और 86% महिलाओं को बैक पेन की प्रॉब्लम है। सर्दी में खून की रवानी सुस्त पड़ जाती है। जोड़ों में तेल कम हो जाता है और इंसान जो है कंबल में दुबककर मोबाइल में घुसा रहता है। बस वहीं से गर्दन, पीठ और कमर की किस्मत बिगड़ती है। हकीकत ये है कि शरीर की इमारत तभी मजबूत रहती है जब नाभि अपनी जगह हो, रीढ़ सीधी हो और जोड़ मजबूत हो। वरना बैलेंस बनाना तो दूर चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है। स्वामी रामदेव से जानते हैं कैसे शरीर का बैलेंस ठीक रखें।

नाभि डिगने की वजह

  • कमजोर पेट की मसल्स
  • गलत चीज उठाना
  • अचानक झटका
  • ठंड में मसल्स जकड़ना

लक्षण ना करें नजरअंदाज

  • पेट दर्द 
  • भारीपन
  • कब्ज 
  • गैस
  • पीठ खिंचाव
  • खराब पाचन

आर्थराइटिस के लक्षण और बचाव

उम्र बढ़ने पर होने वाली ये बीमारी अब युवाओं को भी तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही है। ज्वाइंट्स में दर्द, जोड़ों में अकड़न, घुटनों में सूजन और त्वचा का लाल होना आर्थराइटिस के लक्षण हो सकते हैं। इससे बचना है तो वजन ना बढ़ने दें, स्मोकिंग से बचें, पॉश्चर सही रखें, प्रोसेस्ड फूड न खाएं, ग्लूटेन फूड कम खाएं, अल्कोहल का सेवन न करें,  ज्यादा चीनी-नमक न खाएं। सर्दियों में गर्म कपड़े पहने, दिनभर में खूब पानी पीएं और वर्कआउट करें।

जोड़ों के लिए जरूरी विटामिन

जोड़ों को स्वस्थ रखना है और आर्थराइटिस से बचना है को इसके लिए विटामिन D जरुरी है। खाने में विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल करें और रोजाना कुछ देर सुबह की धूप में बिताएं। जोड़ों के लिए जरूरी विटामिन जोड़ों को स्वस्थ रखना है और आर्थराइटिस से बचना है को इसके लिए विटामिन D जरुरी है। खाने में विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल करें और रोजाना कुछ देर सुबह की धूप में बिताएं। विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती है। अस्थमा, हार्ट डिज़ीज, कैंसर, डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। वहीं कैल्शियम कम होने ऑस्टियोपोरोसिस, कमज़ोरी, आर्थराइटिस, डेंटल प्रॉब्लम, डिप्रेशन और  स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ जाती हैं। आयरन की कमी होने लगे तो इससे एनीमिया, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, सांस की तकलीफ और बाल झड़ते हैं। विटामिन A की कमी से आंखें कमजोर हो जाती है और लिवर पर असर पड़ता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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