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कमजोर तो नहीं हो रहे आपके फेफड़े, इन छोटे छोटे लक्षणों से करें पता, स्वामी रामदेव से जानें फेफड़ों को मजबूत बनाने का तरीका

फेफड़ों (lungs) को मजबूत बनाने और सांस लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ प्रभावी प्राणायाम और योगासन हैं। इन्हें नियमित रूप से करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता, ऑक्सीजन लेवल और श्वसन तंत्र की क्षमता बेहतर होती है। वर्ल्ड सीपीओडी डे के मौके पर स्वामी रामदेव से जानें फेफड़ों को कैसे मजबूत बना सकते हैं।

कमजोर फेफड़ों के लक्षण- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK कमजोर फेफड़ों के लक्षण

बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम तरह की समस्याएं होने लगती है। जिसमें फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं भी शामिल है। सर्दी के मौसम में खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ जाती है। ऐसे संकेत कई बार कमजोर फेफड़ों की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में COPD (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल नवंबर महीने के तीसरे बुधवार को वर्ल्ड सीओपीडी डे मनाया जाता है। COPD एक गंभीर फेफड़ों की बीमारी है, लेकिन बहुत से लोग इसके शुरुआती लक्षण पहचान नहीं पाते। यह दिन लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए मनाया जाता है। COPD का प्रमुख कारण धूम्रपान, प्रदूषण, और धूल/रसायनों का संपर्क है। इस दिन इनके खतरों और बचाव के तरीकों पर ध्यान दिया जाता है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कमजोर फेफड़ों के लक्षण क्या होते हैं।

कमज़ोर फेफड़ों के लक्षण

सांस फूलना

लगातार खांसी

छाती में जकड़न या दर्द

थकान और कमजोरी

सीटी जैसी आवाज़

बार-बार सर्दी-खांसी या फेफड़ों का संक्रमण

शारीरिक क्षमता में कमी

बलग़म का बढ़ना

तेज़ या उथली सांसें

नीली पड़ती त्वचा या होंठ

स्वामी रामदेव से जानें पेफड़ो को मजबूत बनाने के लिए योगासन

भुजंगासन

यह छाती को फैलाता है और फेफड़ों की क्षमता को भी बढ़ाता है। इस योगासन को करने से श्वसन तंत्र साफ होती है। इसे करने के लिए पेट के बल लेटकर दोनों हाथ कंधों के पास रखें और सांस भरते हुए ऊपर उठें। इस प्रकिया को 2-4 मिनट तक दोहराते हैं।

अनुलोम–विलोम

फेफड़ों को मजबूत बनाने में अनुलोम-विलोम भी बेहद कारगर माना जाता है। इससे ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है। इसे करने के लिए सीधी रीढ़ के साथ आराम से बैठें जैसे सुखासन, पद्मासन या कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं। आंखें बंद करें और शरीर को ढीला छोड़ें। सामान्य रूप से कुछ गहरी सांसें लें। फिर दाएं हाथ को नाक के पास लाएं। दायां नथुना बंद करने के लिए अंगूठा उपयोग करें। बायां नथुना बंद करने के लिए अनामिका और छोटी उंगली उपयोग करें। दायां नथुना अंगूठे से बंद करें। बाएं नथुने से धीरे-धीरे गहरी सांस लें (4–6 सेकंड)। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 

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