तेल को लेकर सभी कंफ्यूज रहते हैं। कौन सा तेल सेहत के लिए अच्छा है और किस तेल से दूरी बनाकर रखना जरूरी है। खाना पकाने के लिए, सब्जी बनाने के लिए, पूरियां तलने के लिए और सलाद की ड्रेसिंग के लिए कौन सा तेल इस्तेमाल करना चाहिए। तेल को क्या बदल बदल कर इस्तेमाल करना चाहिए। देसी घी में खाना बनाना चाहिए या नहीं, ये सारे सवाल हम सभी के मन में आते हैं। आइये जानते हैं कौन सा तेल फायदेमंद है और कौन सा नुकसान करता है?
WHO और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन 2023 के अनुसार, फैट यानि एमयूएफए, मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स। ये वसा यानि फैट हार्ट के लिए अच्छे माने जाते हैं। उदाहरण के लिए जैतून, मूंगफली या सरसों का तेल इसके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। पॉलीअनसेचुरेटेड वसा, ये ओमेगा-3 या ओमेगा-6 देते हैं, जैसे सूरजमुखी, सोया या सरसों का तेल। अब सेचुरेटेड फैट केवल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने के लिए सेफ होते हैं। जैसे नारियल तेल या घी। ट्रांसफेट खतरनाक है और ये मिलते हैं वनस्पति घी, डालडा और रिफाइंड ऑयल में, जो सीधे दिल की बीमारी, स्ट्रोक, डायबिटीज से जुड़े हैं। WHO इस तरह के खतरनाक तेलों को 2030 पूरी दुनिया में बैन करना चाहता है।
WHO ने बताया कौन सा तेल है सबसे नुकसानदायक?
अब आपको ये भी बता देते हैं कि खाने के लिए कौन से तेल सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं, इसमें जैतून का तेल। भारत में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला तेल सरसों का तेल है भारतीय रिपोर्ट, ICMR 2021 के अनुसार इसमें ओमेगा-3 के फायदे और रोगाणुरोधी यौगिकों पाए जाते हैं। दूसरा सूरजमुखी तेल पॉलीअनसेचुरेटेड फैट से भरपूर होता है। लेकिन इसे बार-बार तलने से बचना चाहिए क्योंकि इससे ऑक्सीडेटिव एलडीआई बनते हैं। चौथे नंबर पर आता है नारियल तेल। यह एलडीएल और एचडीएल को भी बढ़ाता है, तो इसका इस्तेमाल कम ही करें। घी में ब्यूटिरेट और सीएलए होते हैं कम मात्रा में घी खाना अच्छा है लेकिन आपको कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान देना होगा। असली खतरा ट्रांसफैट, हाइड्रोजनीकृत तेल, वनस्पति और डालडा है। WHO की मानें तो इन तेल को हटाने से हर साल 5 लाख लोगों की जान बचाई जा सकती है।
खाना पकाने के लिए कौन का तेल है फायदेमंद?
तो याद रखिए, ये वनस्पति घी और डालडा के हाइड्रोजनीकृत तेल, इन्हें लेने की जरूरत नहीं है। तो अब जान लें कि अच्छे तेल का भी इस्तेमाल कब और कैसे करना है। जैसे ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करो सलाद में या हल्का फ्राई करने में। सरसों का तेल इस्तेमाल करें खाने में तड़का लगाने में। मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करो डीप फ्राई करने के लिए जैसे पूरी तलने के लिए। सूरजमुखी या सोया तेल को स्टिर फ्राइंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन इसे दोबारा गर्म न करें। नारियल तेल और घी का इस्तेमाल करें सिर्फ स्वाद और ट्रेडिशन के लिए वो भी कम मात्रा।
बदल बदल कर तेल इस्तेमाल करने के फायदे
आप दिनभर में 1 ही तेल का इस्तेमाल करने की बजाय बदल-बदल कर तेल इस्तेमाल करें। जैसे सुबह नाश्ते में पराठा, पोहा या उपमा बनाना है तो सरसों का तेल इस्तेमाल करें। इससे स्वाद भी आएगा और ओमेगा-3 भी मिलेगा। दिन में सब्जी बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करें। शाम को स्नैक्स में कुछ फ्राई करना है तो मूंगफली का तेल इस्तेमाल करें क्योंकि यह ज्यादा टेंपरेचर पर हीट किया जा सकता है। रात के खाने में सलाद या रोटी में लगाने के लिए जैतून का तेल या फिर घी का इस्तेमाल करें। नारियल का तेल अगर आप हफ्ते में एक या दो बार इस्तेमाल कर रहे हैं तो ठीक है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)