डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। कम उम्र के लोग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कम उम्र में शुगर होने की असल वजह अनहेल्दी लाइफस्टाइल है। ऐसे में शुगर के मरीजों को अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। जिनमे सबसे जरूरी होता है कि डायबिटीज के मरीज इस बात का ध्यान रखें कि वो चीनी का सेवन बिल्कुल भी न करें। लेकिन एक सवाल जो शुगर पेसेंट्स के मन में हमेशा रहता है कि क्या वो किशमिश का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि शुगर के मरीजों को किशमिश का सेवन करना चाहिए या नहीं।
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टर्स का कहना है कि डायबिटीज के मरीज किशमिश खा सकते हैं, लेकिन 'सीमित मात्रा' और 'सही तरीके' का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। किशमिश का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि यह चीनी की तरह एकदम से ब्लड शुगर नहीं बढ़ाती, लेकिन बहुत धीरे भी नहीं। किशमिश में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज की मात्रा अधिक होती है। एक छोटी मुट्ठी किशमिश में उतनी ही कैलोरी और शुगर हो सकती है जितनी एक मध्यम आकार के सेब या संतरे में। इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन में मदद करता है और शुगर के अवशोषण को थोड़ा धीमा करता है।
सेवन करने का सही तरीका
अगर आप किशमिश खाना चाहते हैं, तो इन टिप्स को फॉलो करना जरूरी है।
मात्रा का ध्यान रखें: एक बार में 10-15 दानों से ज्यादा न खाएं। इसे "सर्विंग साइज" मानकर चलें।
कॉम्बो बनाकर खाएं: किशमिश को अकेले खाने के बजाय इसे बादाम, अखरोट या दही के साथ मिलाकर खाएं। नट्स में मौजूद प्रोटीन और फैट शुगर के बढ़ने की रफ्तार को कम कर देते हैं।
भीगोकर खाएं: रात भर पानी में भिगोकर सुबह इनका सेवन करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
शुगर लेवल चेक करें: किशमिश खाने के बाद अपना ब्लड शुगर जरूर चेक करें, क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है।
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