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सावधान! दिल की धमनियों का ब्लॉकेज दे रहा हार्ट अटैक को दावत, एक्सपर्ट से जानें कब बन जाती है यह स्थिति जानलेवा

आजकल दिल की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, और इनमें से एक प्रमुख बीमारी है कोरोनरी आर्टरी डिजीज। यह बीमारी तब होती है जब हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियां (कोरोनरी आर्टरीज़) अंदर से संकरी या अवरुद्ध हो जाती हैं। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं यह स्थिति शरीर में कब पनपती है और बचाव के उपाय क्या हैं?

हार्ट अटैक- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV हार्ट अटैक

आजकल दिल की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, और इनमें से एक प्रमुख बीमारी है कोरोनरी आर्टरी डिजीज। यह बीमारी तब होती है जब हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियाँ (कोरोनरी आर्टरीज़) अंदर से संकरी या अवरुद्ध हो जाती हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे विकसित होती है और इसका मुख्य कारण धमनियों की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल और फैट का जमाव होता है। यह जमाव, जिसे प्लाक कहा जाता है, धमनियों को संकुचित कर देता है और रक्त प्रवाह को कम कर देता है। 

पीएसआरआई अस्पताल  में स्थित वरिष्ठ सलाहकार कार्डियोलॉजी डॉ. रवि प्रकाश के अनुसार, जब धमनियाँ संकरी हो जाती हैं, तो हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इससे छाती में दर्द, सांस फूलना, और थकावट जैसी समस्याएं होती हैं। अगर यह रुकावट अचानक पूरी तरह से बंद हो जाए, तो इससे हार्ट अटैक हो सकता है, जो जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।

किन कारणों से बढ़ता है कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा:

  • हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज

  • धूम्रपान और शराब का सेवन

  • अधिक वसा और कोलेस्ट्रॉल युक्त भोजन

  • मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता

  • तनाव और नींद की कमी

  • पारिवारिक इतिहास

कब होती है यह समस्या ज्यादा गंभीर?

कोरोनरी आर्टरी डिजीज की शुरुआत अक्सर बिना लक्षणों के होती है, लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे धमनियाँ अधिक अवरुद्ध होती जाती हैं, लक्षण दिखने लगते हैं। विशेषकर जब व्यक्ति कोई भारी कार्य करता है, दौड़ता है या मानसिक तनाव में होता है, तो दिल को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, और यदि धमनियाँ संकरी हों तो यह पूरी नहीं हो पाती, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

क्या हैं बचाव और इलाज के उपाय

इस बीमारी से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव सबसे ज़रूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव कम करना, धूम्रपान बंद करना और समय-समय पर जांच कराना फायदेमंद है। यदि CAD डायग्नोस हो चुका है, तो डॉक्टर दवाओं, एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। कोरोनरी आर्टरी डिजीज एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली स्थिति है। इसे नजरअंदाज करने से हार्ट अटैक जैसी घातक स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सही समय पर जांच और इलाज कराना बेहद जरूरी है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 

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