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कितना खतरनाक है कोलन कैंसर, डॉक्टर से जानिए इस बीमारी के लक्षण, कारण और सावधानी

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jun 06, 2025 08:46 am IST,  Updated : Jun 06, 2025 08:46 am IST

कोलन कैंसर, जिसे कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, बड़ी आंत यानी कोलन या रेक्टम में शुरू होने वाला कैंसर है। यह एक धीमी गति से बढ़ने वाला कैंसर हो सकता है, लेकिन यदि समय रहते इसका पता न चले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।

कोलन कैंसर- India TV Hindi
कोलन कैंसर Image Source : INDIA TV

हाल ही में अभिनेता विभु राघव के निधन की खबर ने कोलन कैंसर जैसे गंभीर रोग की ओर लोगों का ध्यान खींचा है। कोलन कैंसर, जिसे कोलोरेक्टल कैंसर भी कहा जाता है, बड़ी आंत यानी कोलन या रेक्टम में शुरू होने वाला कैंसर है। यह एक धीमी गति से बढ़ने वाला कैंसर हो सकता है, लेकिन यदि समय रहते इसका पता न चले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। पीएसआरआई अस्पताल में स्थित वरिष्ठ सलाहकार जीआई सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांटेशन डॉ. भूषण भोले, बता रहे हैं कि कोलन कैंसर के लक्षण क्या है और कैसे बरतें सावधानी 

कोलन कैंसर के लक्षण :

कोलन कैंसर के लक्षण अक्सर पाचन संबंधी सामान्य समस्याओं की तरह लग सकते हैं, इसलिए इन्हें नज़रअंदाज़ करना आसान होता है। लंबे समय तक कब्ज या दस्त रहना, मल त्याग की आदतों में बदलाव, मल में खून आना, पेट में बार-बार दर्द या ऐंठन, बिना कोशिश के वजन कम होना और लगातार थकान महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। यदि यह लक्षण कुछ हफ्तों से अधिक समय तक बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

कोलन कैंसर के कारण :

कोलन कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं। उम्र बढ़ना इसका एक प्रमुख कारण है, खासकर 50 वर्ष की उम्र के बाद इसका खतरा बढ़ जाता है। यदि परिवार में किसी को पहले कोलन कैंसर हो चुका हो तो आनुवांशिक रूप से भी इसका खतरा अधिक होता है। इसके अलावा फाइबर की कमी और वसा से भरपूर आहार, व्यायाम की कमी, मोटापा, धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन भी इस बीमारी को बढ़ावा दे सकते हैं।

कैसे बरतें सावधानी?

इस बीमारी से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी है। रोजाना फाइबर से भरपूर भोजन लें, जिसमें फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज शामिल हों। प्रोसेस्ड और अधिक वसायुक्त भोजन से दूरी बनाएं। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें, वजन को नियंत्रित रखें और धूम्रपान व शराब से बचें। इन उपायों के साथ-साथ 50 वर्ष की उम्र के बाद या पारिवारिक इतिहास होने पर नियमित जांच कराना बेहद आवश्यक है।

कोलन कैंसर की समय रहते पहचान होने पर इलाज संभव होता है और व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। फिट दिखने वाले व्यक्ति भी इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना और शरीर के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है। कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो देरी न करें और एक योग्य डॉक्टर से मिलें। यही सतर्कता हमारे जीवन को सुरक्षित रख सकती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

 
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