यूरिक एसिड के लिए पुदीना: पुदीना सेहत के लिए (pudina for high uric acid) कुछ ऐसे गुणों की खान है जो कि कई समस्याओं में आपके लिए काम कर सकता है। दरअसल, पुदीने में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि गाउट की समस्या में कारगर तरीके से काम करते हैं। इसके अलावा ये वात, पित्त और कफ को बैलेंस करता है और फिर पेट का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है। इससे होता ये है कि जो भी आप प्रोटीन से भरपूर चीजों को खाते हैं और उससे प्यूरिन निकलता है वो पुदीने के सेवन से तेजी से पचने लगता है और फिर ये यूरिक एसिड के रूप में जमा नहीं होता है। तो, आइए जानते हैं यूरिक एसिड के लिए पुदीने की पत्तियों का उपयोग (How to use mint leaves for uric acid) कैसे करें।
यूरिक एसिड के लिए पुदीने की पत्तियों का उपयोग कैसे करें?
पुदीने की पत्तियों में कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर में यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। बस आपको इस तरह से इसका सेवन करना है। जैसे
-8-10 ताजी पुदीने की पत्तियां लें और उन्हें धो लें।
-एक ब्लेंडर में इन पत्तियों को डालें और आधा कप पानी डालें। उन्हें ब्लेंड करें।
-इस पेस्ट को एक पैन में डालें और गुड़ डालें।
-हल्का अजवाइन डालें और फिर गैस बंद कर दें।
-अब रोजाना 3 बार इसका 1 चम्मच लें।
Image Source : socialmint leaf
यूरिक एसिड में पुदीने की पत्तियों का फायदा
पुदीने की पत्तियां एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि हड्डियों में दर्द को कम करने में मददगार है। ये हड्डियों में सूजन को कम करता है। इसके अलावा ये मेटाबोलिक रेट बढ़ाने के साथ शरीर में प्यूरिन की मात्रा को कम करता है और इन्हें जमा होने से रोकता है। इस प्रकार ये पत्तियां शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ने नहीं देती और पाचन क्रिया से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार है। तो, अगर यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो आप पुदीने का अर्क लें।
इसके अलावा आप खाली पेट भी पुदीने की पत्तियों को चबा सकते हैं। इसके अलावा आप इसकी चाय पी सकते हैं या फिर इसका जूस भी ले सकते हैं। तो, इस प्रकार से ये सेहत के लिए फायदेमंद है।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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