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अनियमित पीरियड्स से प्रेग्नेंसी में आ सकती हैं दिक्कतें, प्रजनन क्षमता हो जाती है कमजोर

पीरियड्स का आपकी प्रजनन क्षमता से गहरा संबंध है, लेकिन हर बार पीरियड्स मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी नहीं होता। सवाल यह है कि पीरियड्स आपकी प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं?

अनियमित पीरियड्स- India TV Hindi
Image Source : AI अनियमित पीरियड्स

जब कोई महिला सेक्सुअली एक्टिव होती है और उसके पीरियड्स नहीं आते, तो पहला ख्याल प्रेग्नेंसी का ही आता है। यह सच है कि पीरियड्स का आपकी प्रजनन क्षमता से गहरा संबंध है, लेकिन हर बार पीरियड्स मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी नहीं होता। सवाल यह है कि पीरियड्स आपकी प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं?

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि हर बार पीरियड्स मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी नहीं होता। कई बार यह हार्मोनल असंतुलन, पीसीओडी (PCOD), वजन ज्यादा या कम होने, या बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने की वजह से भी हो सकता है। पीरियड्स मिस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, और यह आपकी फर्टिलिटी पर भी नकारात्मक असर डालता है।

सामान्य मासिक धर्म चक्र

एक स्वस्थ महिला के शरीर में दो अंडाशय, एक गर्भाशय, दो फैलोपियन ट्यूब, एक गर्भाशय ग्रीवा और एक योनि होती है। ओव्यूलेशन के दिनों में, अंडाशय से एक परिपक्व अंडा फैलोपियन ट्यूब में आता है जो 24 घंटों तक जीवित रहता है। इस दौरान अगर वह पुरुष स्पर्म के संपर्क में आता है, तो प्रेग्नेंसी हो जाती है। यदि ऐसा नहीं होता, तो अंडा आपके शरीर द्वारा फिर से अवशोषित कर लिया जाता है और शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हॉर्मोन्स का स्तर धीरे-धीरे घटने लगता है। ऐसे समय में आपके पीरियड्स शुरू हो जाते हैं और उसमें ब्लड के रूप में गर्भाशय की लाइनिंग योनि मार्ग से बाहर आने लगती है। यह सामान्यतः 3 से 6 दिनों तक रह सकता है।

अनियमित पीरियड्स का प्रजनन क्षमता पर प्रभाव:

पीरियड्स का अनियमित होना या पीरियड्स में अच्छे से ब्लीडिंग न होना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका ओव्यूलेशन अच्छे से नहीं हो रहा है। ओव्यूलेशन किसी महिला के गर्भवती होने के लिए बहुत जरूरी है। सामान्यतः किसी स्वस्थ महिला का मासिक धर्म चक्र 24 से 35 दिनों का होता है। मासिक चक्र नियमित होने पर ओव्यूलेशन को ट्रैक करना सबसे आसान हो जाता है। ओव्यूलेशन के दिनों में महिला सबसे ज्यादा फर्टाइल होती है, इसलिए प्रेग्नेंसी आसान हो जाती है।

पीरियड्स का अनियमित होना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी प्रजनन क्षमता अच्छी नहीं है और ओव्यूलेशन में भी दिक्कत आ रही है, जिससे गर्भधारण करने में समस्या हो सकती है। यह पीसीओडी का भी संकेत हो सकता है।

अन्य कारक जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं

पीरियड्स के अलावा, कई और कारक भी हैं जो आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं, जैसे:

  • आपकी उम्र

  • डाइट

  • लाइफस्टाइल

  • आनुवंशिक रोग

  • हार्मोनल असंतुलन

इसलिए, अगर आपके पीरियड्स में देरी हो रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें क्योंकि यह निःसंतानता का संकेत भी हो सकता है। बेहतर यही होगा कि अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से सलाह लें और भविष्य के जोखिम से बचने का प्रयास करें।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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